कोरबा, 22 जुलाई (वेदांत समाचार)। सीतामणी चौक में कर्ष परिवार के तत्वावधान में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा महापुराण के छठवें दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। श्रद्धालुओं ने व्यासपीठ से प्रवाहित हो रही श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर धर्मलाभ अर्जित किया और भक्ति रस में डूबे रहे।
कथा के दौरान परम पूज्य तारेंद्र कृष्ण महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण के प्रसंगों का सरल एवं प्रेरणादायी वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, सत्य, सेवा और मानव कल्याण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाली आध्यात्मिक धारा है। कथा के माध्यम से व्यक्ति के भीतर संस्कार, सदाचार और ईश्वर के प्रति समर्पण की भावना विकसित होती है।

छठवें दिन के आयोजन में प्रेस क्लब कोरबा के अध्यक्ष नौशाद खान, सचिव दिनेश राज, उपाध्यक्ष राजकुमार शाह तथा कोषाध्यक्ष दुर्गेश श्रीवास्तव विशेष रूप से कथा स्थल पहुंचे। सभी पदाधिकारियों ने व्यासपीठ पर विराजमान परम पूज्य तारेंद्र कृष्ण महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा श्रद्धापूर्वक श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया। उन्होंने आयोजन की भव्यता और धार्मिक वातावरण की सराहना करते हुए इसे समाज में आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
कथा स्थल पर पूरे समय भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा। महिला, पुरुष, युवा और बुजुर्ग श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित होकर कथा का आनंद लेते रहे। संगीतमय प्रस्तुति और भजनों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।
कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से “जय श्रीकृष्ण” और “राधे-राधे” के जयघोष लगाए। जयघोष से पूरा कथा परिसर गुंजायमान हो उठा और भक्तों ने सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना करते हुए आयोजन की सफलता के लिए कर्ष परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता से श्रीमद्भागवत कथा महापुराण धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

