रायगढ़, 22 जुलाई (वेदांत समाचार)। रायगढ़ पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत बनाने और विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं जागरूक नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और सड़क सुरक्षा विषय पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व डीएसपी श्रीमती उन्नति ठाकुर ने किया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध, सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव, महिला एवं बाल सुरक्षा, पॉक्सो कानून और सुरक्षित यातायात के नियमों की विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और अपराधी सोशल मीडिया के माध्यम से बच्चों और युवाओं को अपना निशाना बना रहे हैं। विद्यार्थियों को फेसबुक, इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों से दोस्ती नहीं करने, निजी फोटो या वीडियो साझा करने से बचने और ऑनलाइन शॉपिंग तथा डिजिटल लेन-देन के दौरान पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई। अधिकारियों ने कहा कि थोड़ी सी सतर्कता बड़े साइबर अपराधों से बचा सकती है।
महिला सुरक्षा पर आयोजित सत्र में छात्र-छात्राओं को गुड टच और बैड टच के बारे में विस्तार से समझाया गया। उन्हें बताया गया कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, अनुचित व्यवहार या बैड टच की घटना को कभी भी छिपाना नहीं चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत माता-पिता, शिक्षकों या पुलिस को जानकारी देना जरूरी है। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को अभिव्यक्ति ऐप, डायल-112, “हेलो सिस्टर” हेल्पलाइन और पुलिस कंट्रोल रूम की सुविधाओं की जानकारी देते हुए बताया कि बिना थाने पहुंचे भी पुलिस से सहायता और परामर्श प्राप्त किया जा सकता है। साथ ही पॉक्सो एक्ट और महिला-बाल संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।
यातायात सुरक्षा सत्र में विद्यार्थियों को सड़क पर सुरक्षित रहने के नियम बताए गए। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों द्वारा वाहन चलाना कानूनन प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि 16 से 18 वर्ष आयु के किशोर निर्धारित नियमों के अनुसार बिना गियर वाले वाहन का लाइसेंस प्राप्त कर ही वाहन चला सकते हैं। छात्रों से अपने माता-पिता और परिवार के सदस्यों को हेल्मेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने तथा नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने के लिए प्रेरित करने की अपील भी की गई।
डीएसपी श्रीमती उन्नति ठाकुर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मरक्षा आज के समय की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कहा कि बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं और किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या बैड टच को कभी भी सहन नहीं करना चाहिए। उन्होंने छात्राओं से किसी भी परेशानी की स्थिति में बिना डर और संकोच के पुलिस से संपर्क करने की अपील की। उन्होंने “हेलो सिस्टर” हेल्पलाइन की जानकारी देते हुए बताया कि महिलाओं से जुड़ी शिकायतों और परामर्श को पूरी गोपनीयता के साथ लिया जाता है तथा घरेलू हिंसा सहित हर मामले में पुलिस संवेदनशीलता के साथ सहायता उपलब्ध कराती है।
कार्यक्रम के दौरान नए आपराधिक कानूनों की भी जानकारी दी गई और बताया गया कि वर्तमान कानूनों के तहत त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान लागू किए गए हैं। विद्यार्थियों को यह भरोसा दिलाया गया कि पुलिस हर परिस्थिति में उनकी मित्र और सहयोगी है।
कार्यक्रम में स्कूल के प्राचार्य राजेश डेनियल, शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस दौरान विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और यातायात नियमों से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने सरल और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समाधान किया।
इस अवसर पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने संदेश देते हुए कहा कि डिजिटल युग में जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि बच्चों, महिलाओं और युवाओं को साइबर अपराधियों की चालों, सोशल मीडिया के जोखिमों और महिला सुरक्षा से जुड़े अधिकारों की जानकारी होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि रायगढ़ पुलिस समाज के हर वर्ग को जागरूक और सुरक्षित बनाने के लिए ऐसे अभियान लगातार चलाती रहेगी तथा किसी भी समस्या की स्थिति में पुलिस हमेशा लोगों की सुरक्षा और सहायता के लिए तत्पर रहेगी।

