भोपाल, 15 जून 2026। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने अपने ग्राहक संपर्क तंत्र को और अधिक आधुनिक एवं प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए क्लाउड आधारित कॉन्टैक्ट सेंटर समाधान लागू किया है। बैंक के अनुसार, इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद ग्राहक कॉल ड्रॉप-ऑफ दर में 27 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि ग्राहक संतुष्टि स्कोर 90 प्रतिशत से अधिक के स्तर तक पहुंच गया है। इसके साथ ही बिक्री उत्पादकता में 41 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
बैंक ने बताया कि यह बदलाव ग्राहक अनुभव को अधिक सहज, तेज और डेटा आधारित बनाने की रणनीति का हिस्सा है। डिजिटल बैंकिंग सेवाओं की बढ़ती मांग और रियल-टाइम ग्राहक सहायता की आवश्यकता को देखते हुए बैंक ने अपने पारंपरिक संपर्क तंत्र को एकीकृत और विस्तार योग्य क्लाउड प्लेटफॉर्म में परिवर्तित किया है।
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक वर्तमान में देशभर में एक करोड़ से अधिक ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करता है। ग्राहक संख्या और सेवा मांग में लगातार वृद्धि को देखते हुए बैंक ने अपने ग्राहक संपर्क बुनियादी ढांचे का विस्तार किया है। क्लाउड आधारित प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरण से बैंक को वॉइस और आउटरीच चैनलों को एकीकृत करने, स्वचालित आईवीआर और सेल्फ-सर्विस सुविधाओं को बढ़ावा देने तथा ग्राहक यात्रा को केंद्रीकृत करने में मदद मिली है।
बैंक का कहना है कि नई प्रणाली के जरिए मैनुअल प्रक्रियाओं और परिचालन संबंधी जटिलताओं में भी कमी आई है। यह पहल बैंकिंग उद्योग में क्लाउड आधारित तकनीकों को अपनाने की बढ़ती प्रवृत्ति को भी दर्शाती है, जहां संस्थान पारंपरिक ऑन-प्रिमाइस सिस्टम से हटकर अधिक लचीले और स्केलेबल समाधान अपना रहे हैं।
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के मुख्य परिचालन अधिकारी मार्टिन पी.एस. ने कहा कि ग्राहक संपर्क प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए जेनेसिस क्लाउड को अपनाने का निर्णय काफी सोच-समझकर लिया गया। उन्होंने कहा कि इससे बैंक को अपने परिचालन का विस्तार करने के साथ-साथ नियामकीय आवश्यकताओं और अनुपालन मानकों को बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी। उनका मानना है कि नई प्रणाली ग्राहकों को अधिक तेज, सटीक और व्यक्तिगत सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
वहीं, जेनेसिस के भारत एवं सार्क क्षेत्र के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक राजा लक्ष्मीपति ने कहा कि वित्तीय संस्थान तेजी से ग्राहक संपर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह साझेदारी एआई और एनालिटिक्स आधारित नई क्षमताओं को अपनाने, परिचालन दक्षता बढ़ाने और ग्राहकों को बेहतर अनुभव प्रदान करने में मदद करेगी।
नई व्यवस्था के तहत बैंक इंटेलिजेंट आईवीआर और स्वचालन आधारित समाधान विकसित कर रहा है। इसके जरिए ग्राहक चाहे वॉइस कॉल, मैसेजिंग प्लेटफॉर्म या अन्य डिजिटल माध्यमों से संपर्क करें, उन्हें समान और बेहतर सेवा अनुभव मिलेगा। बैंक ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस मॉडल भी विकसित किया है, जिसके माध्यम से ग्राहक सीधे संबंधित विशेषज्ञ एजेंट तक पहुंच सकेंगे।
उदाहरण के तौर पर, यदि कोई ग्राहक धोखाधड़ी संबंधी हेल्पलाइन पर संपर्क करता है तो उसे तुरंत संबंधित एजेंट से जोड़ा जाएगा। इसी तरह खुदरा बैंकिंग और सूक्ष्म बैंकिंग से जुड़े ग्राहकों को उनके क्षेत्र के विशेषज्ञों तक पहुंचाया जाएगा, जिससे समस्या समाधान की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।
बैंक अब एनालिटिक्स आधारित क्षमताओं की मदद से ग्राहक संपर्क और आउटबाउंड कम्युनिकेशन को एकीकृत कर रहा है। इससे ग्राहकों की जरूरतों को बेहतर तरीके से समझने और सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। बैंक का मानना है कि आधुनिक कॉन्टैक्ट सेंटर अब केवल ग्राहक सहायता तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि व्यवसायिक वृद्धि और दीर्घकालिक ग्राहक संबंधों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुके हैं।
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक का यह कदम भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन और ग्राहक-केंद्रित सेवाओं को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

