कोरबा, 30 जुलाई (वेदांत समाचार)। कोरबा शहर में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने आवारा एवं घुमंतू मवेशियों के खिलाफ विशेष अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कुणाल दुदावत के निर्देश पर नगर निगम और पशुधन विकास एवं पशु चिकित्सा विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रहे हैं। अभियान के तहत सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों को पकड़ने के साथ ही उनके मालिकों की पहचान कर नियमानुसार जुर्माना वसूलने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि शहर की सड़कों पर मवेशियों को खुला छोड़ना आमजन की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। ऐसे मामलों में संबंधित पशुपालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
प्रशासन के निर्देश पर पशुधन विकास एवं पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने नगर निगम के सहयोग से निहारिका और घंटाघर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया। इस दौरान सड़क पर विचरण कर रहे घुमंतू मवेशियों को रेडियम बेल्ट पहनाई गई। इन बेल्टों की विशेषता यह है कि रात के समय वाहनों की रोशनी पड़ते ही मवेशी दूर से दिखाई देने लगते हैं, जिससे वाहन चालकों को समय रहते सतर्क होने का मौका मिलता है और दुर्घटनाओं की आशंका कम होती है।
अभियान के दौरान अधिकारियों ने पशुपालकों को भी समझाइश दी कि वे अपने मवेशियों को खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रखें। प्रशासन का कहना है कि लापरवाही के कारण सड़क पर घूमने वाले मवेशी न केवल दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं, बल्कि यातायात भी बाधित होता है।
जिला प्रशासन ने कहा है कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नियमित रूप से मवेशियों की धरपकड़, रेडियम बेल्ट लगाने और जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही जिन पशुपालकों के मवेशी सड़कों पर पाए जाएंगे, उनसे नियमानुसार जुर्माना भी वसूला जाएगा।
प्रशासन ने शहरवासियों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि कहीं भी सड़क पर आवारा मवेशी दिखाई दें तो इसकी सूचना तत्काल नगर निगम या संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। जिला प्रशासन का मानना है कि प्रशासन और नागरिकों के संयुक्त प्रयास से सड़क सुरक्षा को और मजबूत बनाया जा सकता है।

