कोरबा के मलेरिया प्रभावित गांवों में हाई अलर्ट, 24 घंटे मेडिकल टीम तैनात, 41 मरीज मिले पॉजिटिव - vedantsamachar.in

कोरबा के मलेरिया प्रभावित गांवों में हाई अलर्ट, 24 घंटे मेडिकल टीम तैनात, 41 मरीज मिले पॉजिटिव

कोरबा, 30 जुलाई (वेदांत समाचार)। कोरबा जिले के मलेरिया प्रभावित ग्राम विमलता और रफता में स्वास्थ्य विभाग ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे मेडिकल टीम तैनात कर दी है। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर दोनों गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं, जहां ग्रामीणों की लगातार जांच, उपचार और मलेरिया नियंत्रण की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। प्रशासन का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है और मरीजों के इलाज के लिए सभी आवश्यक दवाइयां उपलब्ध हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) ने जिला मलेरिया अधिकारी, बीएमओ और बीपीएम के साथ प्रभावित गांवों का निरीक्षण कर स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान मेडिकल टीम द्वारा चलाए जा रहे रैपिड फीवर सर्वे, संदिग्ध मरीजों की मलेरिया किट से जांच, रक्त स्लाइड संग्रहण, दवाइयों की उपलब्धता और लार्वा नियंत्रण अभियान की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बुखार से पीड़ित प्रत्येक व्यक्ति और उसके परिवार के सदस्यों की समय पर जांच कर उपचार सुनिश्चित किया जाए तथा स्थिति सामान्य होने तक लगातार निगरानी रखी जाए।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, ग्राम विमलता और रफता में अब तक कुल 41 मलेरिया पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीम लगातार घर-घर जाकर बुखार सर्वे कर रही है। हर संदिग्ध मरीज की तत्काल जांच की जा रही है और पॉजिटिव मिलने पर तुरंत उपचार शुरू किया जा रहा है। सामान्य मरीजों का इलाज गांव में ही किया जा रहा है, जबकि गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल सहित उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया जा रहा है।

आज एक गंभीर मरीज को 108 एंबुलेंस की सहायता से जिला चिकित्सालय भेजा गया। वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र श्यांग की एंबुलेंस भी प्रभावित क्षेत्र में तैनात की गई है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा सके।

सीएमएचओ ने बताया कि मलेरिया एक परजीवी जनित बीमारी है, जो संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है। तेज बुखार, ठंड लगना, कंपकंपी, सिरदर्द, शरीर दर्द, कमजोरी, उल्टी और अत्यधिक पसीना आना इसके प्रमुख लक्षण हैं। समय पर जांच और उपचार नहीं मिलने पर यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।

स्वास्थ्य विभाग ग्रामीणों को मलेरिया से बचाव के लिए भी लगातार जागरूक कर रहा है। लोगों से नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने, घर और आसपास साफ-सफाई रखने, पानी जमा नहीं होने देने तथा पानी की टंकियों और अन्य जल पात्रों को ढंककर रखने की अपील की जा रही है। साथ ही खाने-पीने की वस्तुओं को ढंककर रखने और पूरी बांह के कपड़े पहनने की सलाह दी जा रही है।

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिलेवासियों से अपील की है कि बुखार आने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में मलेरिया की जांच कराएं। उन्होंने कहा कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहे हैं तथा आम जनता के सहयोग, समय पर जांच और उपचार से मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।