नीस,14जून ।फ्रांस के नीस में पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन किया, जिसका लक्ष्य वैश्विक स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स को एक मंच देना है। मैक्रों ने भारत की इनोवेशन क्षमता की प्रशंसा करते हुए कहा कि दुनिया भारत के साथ साझेदारी करने को उत्सुक है और उन्होंने चंद्रयान-3 को भारत की स्पेस पावर का प्रतीक बताया।
फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मिलकर ‘भारत इनोवेट्स’ (Bharat Innovates) कार्यक्रम का भव्य उद्घाटन किया। इस खास इवेंट में भारत, फ्रांस और दुनिया के कई अन्य देशों के बड़े-बड़े स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स और वेंचर कैपिटल फंड्स एक मंच पर एक साथ आए हैं। इसका मकसद ग्लोबल लेवल पर नई तकनीकों और बिजनेस आइडियाज को मिलकर बढ़ावा देना है।
राष्ट्रपति मैक्रों बोले- सवाल यह था कि भारत के साथ कौन पार्टनरशिप करेगा
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। मैक्रों ने अपने भाषण में कहा, “आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नीस में आपका स्वागत करना हमारे लिए बेहद सम्मान की बात है। कुछ महीने पहले, हमने मुंबई में मिलकर ‘फ्रांस-भारत इनोवेशन वर्ष’ की शुरुआत की थी। दुनिया में सवाल यह नहीं था कि क्या भारत इनोवेशन कर रहा है, बल्कि सवाल यह था कि भारत के साथ मिलकर इस पार्टनरशिप में कौन इनोवेशन करेगा।”
पीएम मोदी के नाम दर्ज हुए रिकॉर्ड पर दी बधाई
राष्ट्रपति मैक्रों ने हाल ही में देश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री बनने पर पीएम मोदी को विशेष बधाई दी। उन्होंने कहा, “आजादी के बाद से आप भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं। यह एक बहुत लंबा सफर रहा है, जो आपके दृढ़ संकल्प, अटूट संकल्प और आपके देश की ताकत को दिखाता है। यह वाकई में एक शानदार और उल्लेखनीय उपलब्धि है; इसलिए हमारे बीच आपकी मौजूदगी पर हमें बहुत गर्व है।”
चंद्रयान-3′ की सफलता और भारत के स्पेस पावर की तारीफ
फ्रांस के राष्ट्रपति ने भारत की वैज्ञानिक ताकत का लोहा मानते हुए ‘चंद्रयान-3’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत आज रिसर्च और इनोवेशन के दम पर ग्लोबल इनोवेशन में सबसे आगे खड़ा है। अगर भारत की ताकत का कोई सबसे अच्छा उदाहरण देना हो, तो वह उसका स्पेस सेक्टर है। चंद्रयान-3 मिशन के साथ चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने की ऐतिहासिक उपलब्धि भारत ने रिकॉर्ड समय में हासिल की, जो पूरी दुनिया के सामने भारत की ताकत और उसकी इनोवेशन क्षमता की मिसाल है।

