अलीगढ़ ,28जुलाई । हरदुआगंज में युवक की हत्या व शव को ठिकाने लगाने का घटनाक्रम पूरी तरह से फिल्मी अंदाज में किया गया। महिला के दूसरे प्रेमी के सामने जब पहला प्रेमी अमित पहुंचा तो वह आग बबूला हो गया। पति को भी पत्नी व अमित के संबंधों की जानकारी थी तो वह भी बौखला उठा। तीनों में हो रही बातचीत विवाद में बदल गई। इसी बीच महिला ने नए वाले आशिक के साथ मिलकर पीछे से फूंकनी से अमित के सिर में वार किया। उसके बेहोश होने पर लात-घूंसों से चेहरे व शरीर पर प्रहार करके हत्या कर दी। फिर शव को घर में ही सिंगल बेड के नीचे बोरे में बंद करके छिपा दिया। इसके बाद पूरी रात व अगले दिनभर शव वहीं रखा रहा। बदबू रोकने के लिए आरोपी परफ्यूम छिड़कते रहे। दूसरी रात में जाकर शव को फेंका गया।
दरअसल, 2 मई को माछुआ नहर के पास एक युवक का शव मिला था शिनाख्त न होने पाने के कारण शव को पोस्टमार्टम कराया। युवक की पहचान खैर के रहने वाले अमित के तौर पर हुई। इसके बाद पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू की। पता चला कि अमित जवां क्षेत्र में रहकर मजदूरी करता था। फोन सीडीआर के आधार पर पुलिस का शक संजू की पत्नी कल्पना पर गया। सख्ती से पूछताछ करने पर महिला ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
दरअसल, 2 मई को माछुआ नहर के पास एक युवक का शव मिला था शिनाख्त न होने पाने के कारण शव को पोस्टमार्टम कराया। युवक की पहचान खैर के रहने वाले अमित के तौर पर हुई। इसके बाद पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू की। पता चला कि अमित जवां क्षेत्र में रहकर मजदूरी करता था। फोन सीडीआर के आधार पर पुलिस का शक संजू की पत्नी कल्पना पर गया। सख्ती से पूछताछ करने पर महिला ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस के अनुसार पति संजू को कल्पना और अमित के संबंधों के बारे में जानकारी हो गई थी। वह विरोध करता था। इसलिए उसने अमित को मारने में साथ दिया। वहीं, कल्पना अपनी मौसी के गांव बुलंदशहर जाती थी तो लोकेश भी उसके संपर्क में आ गया। हालांकि पति को कल्पना व लोकेश के संबंधों की जानकारी नहीं हो पाई थी। वह केवल उसे दोस्त मानता था। ये घटना 30 अप्रैल की देर रात तीन बजे की गई। सिर के प्रहार के बाद अमित के सिर से जब खून बहने लगा तो आरोपियों ने उस पर शर्ट बांध दी। फिर उसके हाथ पैर एक बोरे से बांध दिए। इसके बाद अगले दिन एक मई की देर रात शव को बाइक पर रखकर फेंका गया था।

