ट्रम्प बोले- चीन-रूस जंग में आए तो अंजाम बुरा होगा; वे ईरान की नहीं करेंगे मदद - vedantsamachar.in

ट्रम्प बोले- चीन-रूस जंग में आए तो अंजाम बुरा होगा; वे ईरान की नहीं करेंगे मदद

वॉशिंगटन, 25जुलाई । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें नहीं लगता कि चीन या रूस ईरान युद्ध में शामिल हैं। हालांकि उन्होंने धमकी दी कि अगर दोनों देशों ने इस युद्ध में दखल दिया तो इसके गंभीर नतीजे होंगे और यह उनके लिए अच्छा नहीं होगा।

ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि हाल ही में बीजिंग में हुई उनकी मुलाकात के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें भरोसा दिया था कि वे किसी भी हाल में ईरान को हथियार नहीं देंगे। चीनी कंपनियों के लिए भी यही चीज लागू है।

ट्रम्प ने कहा मुझे जिनपिंग पर यकीन है। उन्होंने यह भी कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी उनसे कहा था कि वे ईरान को हथियार नहीं बेचेंगे।

ट्रम्प ने कहा कि यूक्रेन जंग के बावजूद उनकी पुतिन से बातचीत जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका सीधे यूक्रेन को हथियार नहीं बेचता, बल्कि नाटो देशों को बेचता है। नाटो देश इन हथियारों की पूरी कीमत चुकाते हैं। उसके बाद वे इन्हें किस तरह आगे भेजते हैं, इसकी उन्हें जानकारी नहीं होती।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें साझा की हैं। इनमें अमेरिकी मरीन सैनिक पश्चिम एशिया में सैन्य अभ्यास के दौरान M142 हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम (HIMARS) को KC-130J सुपर हरक्यूलिस विमान में लोड करते नजर आ रहे हैं।

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात में कहा कि बीजिंग, ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा के उसके प्रयासों का समर्थन करता है।

चीन के विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, वांग यी ने पश्चिम एशिया में हाल के दिनों में बढ़े तनाव पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि MoU समझौते को नहीं छोड़ा जाना चाहिए था। बातचीत जारी रहनी चाहिए और समझौते के तहत बनी सहमति पर लौटना सबसे जरूरी काम है।

वहीं, अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान की बातचीत करने की इच्छा कभी नहीं बदली और तेहरान इस संघर्ष को आगे नहीं बढ़ाना चाहता।

उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण समय में ईरान और चीन को आपसी संपर्क और समन्वय बढ़ाना चाहिए। साथ ही उम्मीद जताई कि चीन तनाव कम करने और हालात सामान्य बनाने में आगे भी अहम भूमिका निभाएगा।

बहरीन में अमेरिकी नौसैनिक ठिकाने पर ईरानी हमला
ईरानी मीडिया IRNA के मुताबिक, बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट के नौसैनिक ठिकाने पर जोरदार धमाके हुए हैं।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस ठिकाने पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया गया, जिसके बाद कई बड़े विस्फोट हुए।

हालांकि, अभी तक अमेरिका या बहरीन की ओर से इस हमले और इससे हुए नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

ईरान बोला- होर्मुज में असुरक्षा के लिए अमेरिका जिम्मेदार
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट और पूरे क्षेत्र में जो असुरक्षा पैदा हुई है, उसकी पूरी जिम्मेदारी अमेरिका पर है। उन्होंने अमेरिका पर समझौता तोड़ने का आरोप लगाया।

अराघची ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के अहम बुनियादी ढांचे पर क्रूर हमले किए हैं और यह युद्ध अपराध हैं। ईरान अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में ताकत के इस्तेमाल को सामान्य मानने का विरोध करने की अपील भी की।

होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही अब भी सामान्य नहीं
समुद्री जहाजों की निगरानी करने वाली कंपनी केप्लर ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही अब भी सामान्य नहीं हुई है।

कंपनी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को होर्मुज स्ट्रेट से सिर्फ 6 जहाजों के गुजरने की पुष्टि हुई। यह एक दिन पहले के मुकाबले 60 फीसदी कम है।

वहीं, बाब अल-मंदेब स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही बढ़ी है। गुरुवार को वहां से 49 जहाजों के गुजरने की पुष्टि हुई।