बिलासपुर, 29 जुलाई (वेदांत समाचार)। बिलासपुर रेंज के रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं तकनीक आधारित बनाने के लिए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) श्री रामगोपाल गर्ग ने रेलवे सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में रेलवे सुरक्षा बल (RPF), शासकीय रेल पुलिस (GRP) और रेलवे लाइन से जुड़े जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ रेलवे क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक, साइबर अपराधों की रोकथाम और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
आईजी रामगोपाल गर्ग ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक सीसीटीवी कैमरे और फेसियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जाए। साथ ही रेलवे स्टेशन परिसरों में रात के समय असामाजिक तत्वों के जमावड़े पर सख्ती से रोक लगाने, नियमित गश्त बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।
बैठक में एडीआरएम, बिलासपुर, रेलवे पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर, कोरबा, सक्ती, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, रायगढ़ सहित आरपीएफ और जीआरपी के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। सभी अधिकारियों को समन्वय के साथ संयुक्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाने के उद्देश्य से सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया कि वे एक माह के भीतर आदतन अपराधियों, नशा तस्करों और लापता बच्चों का विस्तृत डाटाबेस RPF को उपलब्ध कराएं, ताकि फेसियल रिकग्निशन सिस्टम के माध्यम से अपराधियों की पहचान और ट्रैकिंग आसानी से की जा सके।
बैठक में ट्रेनों के माध्यम से होने वाली गांजा, हेरोइन, सिंथेटिक ड्रग्स, नशीली गोलियां और इंजेक्शन जैसी मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए RPF, GRP और जिला पुलिस की संयुक्त सरप्राइज चेकिंग टीम गठित करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा रेलवे संपत्ति की चोरी करने वाले कबाड़ी गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर RPUP एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
आईजी ने रेलवे स्टेशनों पर रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि रात में रुकने वाली सभी ट्रेनों की 100 प्रतिशत जांच सुनिश्चित की जाए। स्टेशन परिसरों में खड़े लावारिस वाहनों की भी नियमित जांच होगी और असामाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान महिला सुरक्षा, चोरी और मानव तस्करी जैसी घटनाओं की रोकथाम में ‘रेल मदद’ ऐप और आरपीएफ के सूचना तंत्र की सराहना की गई। अधिकारियों से कहा गया कि यात्रियों को भी इस ऐप के उपयोग के लिए जागरूक किया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
रेलवे से जुड़े यातायात और आधारभूत संरचना के मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सक्ती के जेठा स्टेशन अंडरब्रिज की तकनीकी खामियों की जांच के लिए संयुक्त सर्वे टीम गठित करने का निर्णय लिया गया। वहीं पेंड्रा, खरसिया और सक्ती में रेलवे फाटकों पर लगने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए फ्लाईओवर निर्माण के प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बाराद्वार में रविवार के बाजार के दौरान रेलवे फाटक पर सुरक्षा बल की विशेष तैनाती करने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में रेलवे वाई-फाई के दुरुपयोग के जरिए भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी रणनीति बनाई गई। आईजी ने निर्देश दिए कि ऐसे मामलों की पहचान और त्वरित कार्रवाई के लिए विशेष साइबर मॉक ड्रिल आयोजित की जाए तथा साइबर निगरानी को और अधिक मजबूत किया जाए।
बैठक के अंत में आईजी श्री रामगोपाल गर्ग ने सभी अधिकारियों को निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने की हिदायत देते हुए कहा कि रेलवे यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। रेलवे परिसरों में CCTV और FRS तकनीक, संयुक्त पुलिस कार्रवाई, मादक पदार्थों की तस्करी पर कड़ी निगरानी, रात्रि गश्त और साइबर सुरक्षा को मजबूत कर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा।

