CG CRIME : 15 लाख रुपये के धान और बारदाना गबन का मामला, सेवा सहकारी समिति प्रभारी गिरफ्तार - vedantsamachar.in

CG CRIME : 15 लाख रुपये के धान और बारदाना गबन का मामला, सेवा सहकारी समिति प्रभारी गिरफ्तार

दुर्ग, 07 जून 2026 (वेदांत समाचार)। दुर्ग जिले के धमधा थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित सेवा सहकारी समिति मर्यादित रौंदा में 15 लाख रुपये से अधिक मूल्य के धान और बारदाना गबन के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए समिति प्रभारी को गिरफ्तार कर लिया है। संयुक्त जांच दल की आकस्मिक जांच और भौतिक सत्यापन में शासकीय धान एवं बारदाना की भारी कमी पाए जाने के बाद यह मामला सामने आया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा सेवा सहकारी समिति मर्यादित रौंदा और उपार्जन केंद्र रौंदा का निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन किया गया था। जांच के दौरान अभिलेखों में दर्ज धान की उपलब्ध मात्रा और वास्तविक भंडारित धान के बीच बड़ा अंतर पाया गया।

जांच प्रतिवेदन में खुलासा हुआ कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान समिति द्वारा कुल 73 हजार 952.80 क्विंटल धान का उपार्जन किया गया था। दस्तावेजों के अनुसार उपलब्ध होना चाहिए था, लेकिन मौके पर किए गए सत्यापन में 560.28 क्विंटल धान तथा 2103 नग नया बारदाना कम पाया गया। कमी पाए गए धान और बारदाना की कुल अनुमानित कीमत 15 लाख 8 हजार 161 रुपये आंकी गई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच प्रतिवेदन थाना धमधा को सौंपा गया। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 136/2026 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(5) और 318(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की।

विवेचना के दौरान पुलिस ने दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण किया और गवाहों के बयान दर्ज किए। जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद समिति प्रभारी जगदीश कुमार नवरंगे (60 वर्ष), निवासी पेंड्रावन, थाना धमधा, जिला दुर्ग को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान शासकीय धान एवं बारदाना की कमी तथा अभिलेखीय अनियमितताओं से जुड़े तथ्य सामने आने पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।

पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि समिति में संधारित अभिलेखों और वास्तविक रूप से भंडारित शासकीय धान एवं बारदाना के बीच अंतर पाए जाने के कारण शासकीय संपत्ति के गबन और धोखाधड़ी का मामला उजागर हुआ। प्रकरण में धान खरीदी एवं भंडारण संबंधी दस्तावेज, जांच प्रतिवेदन और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों को साक्ष्य के रूप में जब्त किया गया है।

धमधा पुलिस ने बताया कि आर्थिक अपराधों और शासकीय संपत्ति से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि शासकीय संपत्ति, सार्वजनिक धन या सहकारी संस्थाओं से संबंधित किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस एवं संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।