रायपुर, 22 जुलाई 2026 (वेदांत समाचार)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने और नकली एवं अवैध उर्वरक-कीटनाशकों के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए कृषि विभाग का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में दुर्ग जिले के ग्राम चिंगरी (अंडा) में कृषि विभाग की जिला स्तरीय उड़नदस्ता टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना वैध लाइसेंस संचालित दो गोदामों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में उर्वरक, कीटनाशक, रॉ मटेरियल, पैकिंग मशीनें और अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं।
कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में कृषि विभाग को सूचना मिली थी कि ग्राम चिंगरी स्थित चन्द्राकर किराना स्टोर्स परिसर में अवैध रूप से जैव उत्प्रेरक और कीटनाशकों का निर्माण, भंडारण एवं विक्रय किया जा रहा है। सूचना के आधार पर उड़नदस्ता दल मौके पर पहुंचा, जहां गोदाम बंद मिला। गोदाम के किरायेदार वरुण त्रिपाठी को निरीक्षण के लिए बुलाया गया, लेकिन उनके असहयोगात्मक रवैये के कारण मकान मालिक, पंचों और ग्रामीणों की उपस्थिति में पंचनामा तैयार कर गोदाम का ताला खुलवाया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को बिना किसी वैध अनुज्ञप्ति के जैव उत्प्रेरक एवं कीटनाशकों के निर्माण का पूरा नेटवर्क संचालित होता मिला। गोदाम में बड़ी मात्रा में कच्चा माल, तैयार उत्पाद, रसायनों से भरे ड्रम, पैकिंग एवं सीलिंग मशीनें तथा अन्य उपकरण पाए गए। जांच में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 और कीटनाशक अधिनियम, 1968 के कई प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन सामने आया।
अधिकारियों के अनुसार बिना लाइसेंस उर्वरक एवं कीटनाशकों का निर्माण और भंडारण, निर्धारित अभिलेखों का संधारण नहीं करना, निरीक्षण में सहयोग नहीं देना तथा बिना स्रोत के कीटनाशकों का भंडारण जैसे गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि हुई है। इसके बाद पूरी सामग्री को जब्त करते हुए दोनों गोदामों को सील कर दिया गया।
कृषि विभाग ने संबंधित संचालक के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955, उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा कीटनाशक अधिनियम, 1968 के तहत एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग का कहना है कि मामले में नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
उप संचालक कृषि संदीप भाई ने कहा कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नकली या अमानक कृषि आदानों का निर्माण, भंडारण, कालाबाजारी अथवा अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। ऐसे मामलों में संबंधित विक्रेताओं एवं निर्माताओं के लाइसेंस निलंबित या निरस्त किए जाएंगे और आवश्यकतानुसार कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं और सहकारी समितियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को निर्धारित दर पर ही खाद और कीटनाशक उपलब्ध कराए जाएं। यदि कहीं अधिक कीमत वसूली, कालाबाजारी या अन्य अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
कृषि विभाग ने बताया कि खरीफ सीजन के दौरान पूरे प्रदेश में उर्वरकों और कीटनाशकों की उपलब्धता, गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। किसानों से भी अपील की गई है कि यदि नकली, अमानक या निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर कृषि आदानों की बिक्री की जानकारी मिले तो इसकी शिकायत तुरंत नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय में करें।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नकली उर्वरक, कीटनाशकों की कालाबाजारी और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के विरुद्ध प्रदेशभर में इसी तरह का सघन अभियान आगे भी जारी रहेगा।

