AAROH 2026 में केनापारा इको पार्क बना आकर्षण का केंद्र, एसईसीएल की अभिनव माइन क्लोज़र पहल को मिली सराहना - vedantsamachar.in

AAROH 2026 में केनापारा इको पार्क बना आकर्षण का केंद्र, एसईसीएल की अभिनव माइन क्लोज़र पहल को मिली सराहना

नई दिल्ली, 22 जुलाई । नई दिल्ली में आयोजित AAROH – Annual Report on Mine Closure के अनावरण समारोह में भारत सरकार के माननीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी, माननीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं राज्य मंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा डॉ. जितेंद्र सिंह, माननीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, कोयला सचिव विक्रम देव दत्त, कोल इंडिया चेयरमैन बी. साईराम सहित मंत्रालय, कोल इंडिया एवं उसकी अनुषंगी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर कोल इंडिया द्वारा स्थापित प्रदर्शनी में माइन क्लोज़र से संबंधित विभिन्न अभिनव पहलों का प्रदर्शन किया गया। इनमें साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) द्वारा छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले स्थित परित्यक्त बिश्रामपुर ओपनकास्ट खदान को विकसित कर बनाए गए केनापारा इको पार्क का मॉडल प्रमुख आकर्षण रहा।

माननीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी, माननीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, कोयला सचिव विक्रम देव दत्त सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने एसईसीएल के स्टॉल का अवलोकन किया। इस दौरान एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने उन्हें माइन क्लोज़र, पर्यावरण संरक्षण तथा परित्यक्त खदानों के सतत एवं जनोपयोगी पुनर्विकास की दिशा में एसईसीएल की विभिन्न पहलों से अवगत कराया। माननीय अतिथियों ने केनापारा इको पार्क पर आधारित वीआर (VR) फिल्म के माध्यम से वर्चुअल टूर का अनुभव प्राप्त किया, जिसके जरिए उन्हें परित्यक्त खदान के एक आधुनिक, हरित एवं जनोपयोगी इको पार्क में हुए रूपांतरण का इमर्सिव अनुभव प्राप्त हुआ।

स्टॉल पर केनापारा इको पार्क में नौकायन (Boating) संचालन एवं मत्स्य पालन गतिविधियों से जुड़ी स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाएँ** भी उपस्थित रहीं। माननीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने उनसे आत्मीय संवाद कर उनके अनुभवों एवं आजीविका में आए सकारात्मक बदलाव की जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर एसईसीएल के निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) रमेश चंद्र मोहापात्र सहित कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में माननीय केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री रेड्डी द्वारा अपने अभिभाषण में भी एसईसीएल की माइन क्लोज़र पहलों का उल्लेख करते हुए इन्हें सतत खनन का सशक्त उदाहरण बताया।

कार्यक्रम के दौरान माननीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों में स्थापित ‘कोल नीर’ जल शोधन संयंत्रों का भी शुभारंभ किया। इसी क्रम में एसईसीएल के जोहिला क्षेत्र के पाली स्थित ‘कोल नीर’ प्लांट का भी लोकार्पण किया गया। यह संयंत्र खदानों से प्राप्त जल का शोधन कर उसे पेयजल के रूप में उपयोगी बनाएगा, जिससे एक ओर खदान के जल का सतत एवं सार्थक उपयोग सुनिश्चित होगा, वहीं स्थानीय समुदाय को स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा।