NEET छात्रों पर लाठीचार्ज से आहत अन्ना हजारे, पीएम मोदी को लिखा पत्र; बोले- लोकतंत्र में दमन स्वीकार नहीं, आंदोलन करेंगे - vedantsamachar.in

NEET छात्रों पर लाठीचार्ज से आहत अन्ना हजारे, पीएम मोदी को लिखा पत्र; बोले- लोकतंत्र में दमन स्वीकार नहीं, आंदोलन करेंगे

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर नीट (NEET) अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस घटना पर गहरी नाराजगी जताई और कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर बल प्रयोग स्वीकार नहीं किया जा सकता। अन्ना हजारे ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों के साथ न्याय नहीं हुआ तो वह आंदोलन शुरू करेंगे।

अन्ना हजारे ने अपने पत्र में कहा कि देश का युवा अपने भविष्य और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहा था, लेकिन उनके साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण विरोध करने का संवैधानिक अधिकार है तथा सरकार का दायित्व है कि वह संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकाले, न कि बल प्रयोग से।

उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी अधिकारी ने कानून का उल्लंघन करते हुए जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अन्ना हजारे ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है।

अन्ना हजारे ने अपने पत्र में यह भी कहा कि देश के युवाओं का सरकार और व्यवस्था पर विश्वास बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाए और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं करती और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती तो वह देशभर में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन छात्रों के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए होगा।

गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर नीट अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर पहले ही मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच चुका है। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी करते हुए घटना से जुड़े CCTV फुटेज और अन्य वीडियो रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को निर्धारित की गई है। अन्ना हजारे की इस प्रतिक्रिया के बाद छात्रों के आंदोलन और जंतर-मंतर लाठीचार्ज का मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर और अधिक चर्चा में आ गया है। अब सभी की नजर केंद्र सरकार के रुख और दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई पर बनी हुई है।