मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। शहर के ब्रह्मपुरा क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध प्रसाद हॉस्पिटल में देर रात अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि अस्पताल के आईसीयू (ICU) सहित कई हिस्से इसकी चपेट में आ गए। हादसे के दौरान अस्पताल में भर्ती दो दर्जन से अधिक मरीज प्रभावित हुए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस अग्निकांड में 10 मरीजों की मौत की आशंका जताई जा रही है, हालांकि प्रशासन की ओर से मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।
घटना के बाद अस्पताल परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मरीजों के परिजन और अस्पताल स्टाफ जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आईसीयू से अचानक धुआं उठना शुरू हुआ और देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरे वार्ड को अपनी चपेट में ले लिया।
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही चल सकेगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आधी रात को अस्पताल के अंदर चीख-पुकार मच गई थी। आग और धुएं के कारण कई मरीज ICU और अन्य वार्डों में फंस गए थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल कर्मियों और स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए खिड़कियां तोड़ीं और मरीजों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। कई लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की आठ गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान पुलिस और प्रशासन की टीमों ने अस्पताल परिसर को खाली कराया और राहत एवं बचाव कार्य को तेज किया।
हादसे की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए। आग में झुलसे तथा प्रभावित मरीजों को तत्काल एम्बुलेंस के जरिए शहर के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में शिफ्ट किया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
प्रशासन ने बताया कि मृतकों और गंभीर रूप से घायलों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। वहीं अस्पताल प्रबंधन और पुलिस की टीमें अस्पताल को हुए नुकसान का आकलन कर रही हैं। घटना के बाद मरीजों के परिजनों में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल है।
इस भीषण अग्निकांड ने एक बार फिर अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हादसा तकनीकी खराबी का परिणाम था या सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी।

