महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में 70% की बढ़ोतरी, शासन की रियायतों का दिखने लगा असर - vedantsamachar.in

महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में 70% की बढ़ोतरी, शासन की रियायतों का दिखने लगा असर

बलौदाबाजार, 4 जून 2026 (वेदांत समाचार)। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि एवं संपत्ति पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट तथा 12 प्रतिशत उपकर समाप्त किए जाने का सकारात्मक प्रभाव अब बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। शासन की इस महत्वपूर्ण रियायत के बाद महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने और रजिस्ट्री कराने की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

जिला पंजीयक कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2026 में जिले के पांचों उप पंजीयक कार्यालयों में महिलाओं के पक्ष में कुल 309 दस्तावेज पंजीकृत हुए थे। वहीं मई 2026 में यह संख्या बढ़कर 445 पहुंच गई। इस प्रकार केवल एक महीने में महिलाओं के नाम पर संपत्ति पंजीयन में लगभग 70 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

उप पंजीयक कार्यालयवार आंकड़ों पर नजर डालें तो बलौदाबाजार में अप्रैल माह के 78 दस्तावेज बढ़कर मई में 119 हो गए। पलारी में यह संख्या 40 से बढ़कर 56, सिमगा में 56 से बढ़कर 99, कसडोल में 24 से बढ़कर 50 तथा भाटापारा में 111 से बढ़कर 121 हो गई। आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं को दी गई शुल्क छूट का लाभ बड़ी संख्या में परिवार उठा रहे हैं। विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों बलौदाबाजार और भाटापारा में महिलाओं की भागीदारी अधिक देखने को मिली है।

जिला पंजीयक विनोज कोचे ने बताया कि राज्य सरकार की इस पहल का सीधा लाभ महिलाओं को मिल रहा है। संपत्ति खरीदने की लागत कम होने के कारण परिवार अब महिलाओं के नाम पर जमीन और मकान पंजीकृत कराने के लिए अधिक प्रोत्साहित हो रहे हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ रही है और संपत्ति में उनका अधिकार भी मजबूत हो रहा है।

बलौदाबाजार उप पंजीयक विपुल श्रीवास्तव ने बताया कि अप्रैल 2026 से 12 प्रतिशत उपकर समाप्त किए जाने के बाद पंजीयन कार्य में और तेजी आई है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अब तक केवल बलौदाबाजार उप पंजीयक कार्यालय में 107 अधिक दस्तावेजों का पंजीयन दर्ज किया गया है। इससे आम नागरिकों को राहत मिलने के साथ शासन के राजस्व में भी बढ़ोतरी हो रही है।

लाभार्थी नमिता साहू ने बताया कि महिलाओं के नाम पर संपत्ति पंजीयन में मिलने वाली छूट से उनके परिवार को आर्थिक लाभ हुआ है। पहले रजिस्ट्री कराने में अधिक खर्च आता था, लेकिन अब खर्च कम होने से महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदना आसान हो गया है। इससे महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और कानूनी अधिकार भी प्राप्त हो रहे हैं।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के मार्गदर्शन में राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। संपत्ति पंजीयन में दी गई यह रियायत महिलाओं की संपत्ति में हिस्सेदारी बढ़ाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।