रायपुर, 18 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘क्रिटिकल मिनरल मिशन’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीएमडीसी) और जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम अनुसंधान, विकास एवं डिजाइन केंद्र (जेएनएआरडीडीसी), नागपुर के बीच शनिवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
यह समझौता राज्य में क्रिटिकल मिनरल्स के वैज्ञानिक अनुसंधान, खनिज संसाधनों के मूल्य संवर्धन, आधुनिक तकनीकों के उपयोग तथा सतत खनन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है। इससे छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा के योजनाबद्ध एवं वैज्ञानिक उपयोग का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक प्रगति को नई गति मिलने की उम्मीद है।
एमओयू मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व तथा सीएमडीसी के अध्यक्ष सौरभ सिंह, खनिज साधन विभाग के सचिव पी. दयानंद और प्रबंध संचालक रजत बंसल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
एमओयू आदान-प्रदान कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं भारतीय खान ब्यूरो के कंट्रोलर जनरल तथा जेएनएआरडीडीसी के निदेशक पंकज कुलश्रेष्ठ ने अनुसंधान आधारित खनिज विकास, नवाचार और संस्थागत सहयोग को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि यह साझेदारी राज्य और देश के खनिज क्षेत्र के लिए दूरगामी परिणाम देने वाली साबित होगी। भारतीय खान ब्यूरो के कंट्रोलर ऑफ माइंस डॉ. बी.एल. गुर्जर ने सीएमडीसी और खनिज साधन विभाग के बेहतर समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के खनिज क्षेत्र के विकास को नई गति मिली है।
कार्यक्रम में सीएमडीसी के महाप्रबंधक यू.के. कुरैशी ने निगम की 25 वर्षों की विकास यात्रा, प्रमुख उपलब्धियों, संचालित खनिज परियोजनाओं और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि निगम वैज्ञानिक एवं समावेशी खनन के माध्यम से प्रदेश की खनिज संपदा के बेहतर उपयोग के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
रीजनल कंट्रोलर ऑफ माइंस प्रेम प्रकाश ने सीएमडीसी की टिन एवं कोरंडम परियोजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि इनसे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं तथा खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और वैधानिक प्रक्रियाओं को मजबूती मिली है।
जेएनएआरडीडीसी के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. उपेंद्र सिंह ने बताया कि संस्थान रेड मड से गैलियम और वैनेडियम तथा बॉक्साइट के उप-उत्पादों से स्कैंडियम की रिकवरी पर महत्वपूर्ण अनुसंधान कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शोध भारत को क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम में सीएमडीसी के मुख्य महाप्रबंधक संजय कनकने ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि यह एमओयू खनिज अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो भविष्य में राज्य के खनिज क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।
कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि सीएमडीसी और जेएनएआरडीडीसी के बीच यह सहयोग वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, संसाधनों के मूल्य संवर्धन और सतत खनन को नई दिशा देगा तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के खनिज क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

