कोरबा, 07 जून (वेदांत समाचार)। जिले के पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पचरा के आश्रित ग्राम करगामार में पिछले कई दिनों से पेयजल संकट गहराने लगा है। गांव में पानी की आपूर्ति बाधित होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार करगामार में स्थापित सिंटेक्स टंकी में पिछले चार-पांच दिनों से पानी चढ़ना बंद हो गया है। इसके चलते पूरे गांव की जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो गई है। पेयजल की समस्या के कारण महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवारों को दूर-दराज के जलस्रोतों से पानी लाकर अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अचानक पानी की आपूर्ति बंद होने से उनके सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। सुबह से लेकर शाम तक पानी की व्यवस्था करने में लोगों का काफी समय और श्रम व्यय हो रहा है। गर्मी के मौसम में पानी की आवश्यकता बढ़ जाने के कारण समस्या और भी गंभीर हो गई है। कई घरों में पीने के पानी तक की कमी महसूस की जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में ग्राम पंचायत पचरा को सूचना दे दी गई है और जलापूर्ति बहाल करने की मांग की गई है। इसके बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों का आरोप है कि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए जाने के कारण उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही पानी की आपूर्ति शुरू नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और पंचायत प्रशासन से मांग की है कि जलापूर्ति व्यवस्था की तत्काल जांच कर खराबी को दूर किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। उनका कहना है कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से किसी भी नागरिक को वंचित नहीं रहना चाहिए।
गांव के कई लोगों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि समस्या के समाधान के लिए आवश्यक तकनीकी जांच कराई जाए और यदि मोटर, पाइपलाइन अथवा अन्य किसी कारण से पानी की आपूर्ति बाधित हुई है तो उसे तत्काल दुरुस्त किया जाए। ग्रामीणों को उम्मीद है कि पंचायत और संबंधित विभाग उनकी परेशानी को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल करेंगे।
फिलहाल करगामार के ग्रामीण पानी की समस्या से जूझ रहे हैं और प्रशासनिक पहल का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें अपनी मांगों को लेकर आगे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर भी विचार करना पड़ सकता है। पेयजल संकट से प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर राहत पहुंचाने की अपील की है।

