जांजगीर-चांपा, 26 जुलाई (वेदांत समाचार)। जांजगीर-चांपा पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग की दिशा में एक अनूठी पहल करते हुए थाना पामगढ़ क्षेत्र के ग्राम डोंगाकोहरौद में 60 महिलाओं की ‘महिला कमांडो टीम’ का गठन किया। खास बात यह रही कि कुछ दिन पहले यही गांव अपनी मांगों को लेकर हुए चक्का जाम के कारण चर्चा में था, लेकिन अब यह गांव पुलिस और ग्रामीणों की साझेदारी से नशामुक्ति अभियान का उदाहरण बनकर सामने आया है।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय स्वयं ग्राम डोंगाकोहरौद पहुंचे और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने गांव को पूर्णतः नशामुक्त बनाने का संकल्प दिलाते हुए कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। युवाओं को नशे की लत से बचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
एसपी ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने आसपास होने वाले नशे के कारोबार, अवैध गतिविधियों और अपराधों की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस हर सूचना पर गंभीरता से कार्रवाई करेगी।
कार्यक्रम के दौरान गांव की 60 सक्रिय एवं जागरूक महिलाओं का चयन कर महिला कमांडो टीम बनाई गई। यह टीम गांव में नशामुक्ति अभियान को आगे बढ़ाने, सामाजिक जागरूकता फैलाने, महिला सुरक्षा को मजबूत करने तथा अपराधों की रोकथाम में पुलिस की सहयोगी के रूप में काम करेगी। टीम में शामिल महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ गांव को नशामुक्त बनाने और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लगातार अभियान चलाने का संकल्प लिया।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास, सहयोग और सहभागिता को मजबूत करना भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि ग्राम डोंगाकोहरौद की यह पहल भविष्य में अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी और ग्रामीण स्तर पर सामाजिक बदलाव का माध्यम बनेगी।
कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, ग्रामीणों तथा थाना प्रभारी पामगढ़ सावन कुमार सारथी सहित पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने पुलिस की इस पहल का स्वागत करते हुए गांव को नशामुक्त बनाने के अभियान में हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।

