कोरबा,20 जुलाई (वेदांत समाचार)। जिले की ग्राम पंचायत तिलकजा में 15वें वित्त आयोग एवं समग्र शिक्षा अभियान की राशि के भुगतान में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता जितेंद्र कुमार साहू द्वारा कलेक्टर जनदर्शन में की गई शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में कुछ वित्तीय प्रक्रियाओं के पालन को लेकर सवाल उठे हैं, जबकि विस्तृत जांच रिपोर्ट अभी आना बाकी है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पंचायत में विकास कार्यों के लिए भारत सरकार से प्राप्त राशि का भुगतान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अधिकृत वेंडरों को किए जाने के बजाय कुछ मामलों में पंचायत प्रतिनिधियों के निजी बैंक खातों के माध्यम से कराया गया। शिकायतकर्ता ने इसे पंचायती राज अधिनियम एवं वित्तीय नियमों का उल्लंघन बताते हुए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त शिकायत के आधार पर करारोपण अधिकारी चतुरानंद कंवर एवं वरिष्ठ करारोपण अधिकारी रामकुमार पैकरा को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में भुगतान प्रक्रिया में अनियमितता के संकेत मिले हैं, हालांकि प्रशासन की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
शिकायत में ग्राम पंचायत सचिव नविता दुबे, सरपंच तेरस कंवर तथा पंच देवमूरत कंवर पर वित्तीय नियमों के विपरीत कार्य करने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि पंचायत के ऑनलाइन भुगतान में सचिव की डिजिटल स्वीकृति (डीएससी) आवश्यक होती है, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि 15वें वित्त आयोग और समग्र शिक्षा अभियान की राशि गांव में बुनियादी सुविधाओं, स्कूलों के विकास एवं अन्य सार्वजनिक कार्यों के लिए जारी की जाती है। ऐसे में यदि राशि का भुगतान निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत किया गया है तो इसकी जवाबदेही तय होना आवश्यक है।
मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि पंचायत के कुछ जनप्रतिनिधियों के निजी खातों में राशि स्थानांतरित की गई। शिकायतकर्ता ने पूरे भुगतान रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन एवं पीएफएमएस (PFMS) पोर्टल की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है और विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अंतिम जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

