नई दिल्ली , 20 जुलाई : 8 गोल, 4 असिस्ट करने के बाद अगर किसी खिलाड़ी की टीम चैंपियन नहीं बन पाए तो दुख तो होगा ही. कुछ ऐसा ही हुआ लियोनेल मेसी के साथ जो फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल नहीं जीत पाए और इस हार के साथ ही वो मानो वो टूट से गए. स्पेन ने जैसे ही अर्जेंटीना को फाइनल में 1-0 से हराया, वैसे ही लियोनेस मेसी जमीन पर बैठ गए और उनकी आंखें नम हो गई. मेसी उस वक्त और ज्यादा इमोशनल हो गए जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने उनके गले में रनरअप का मेडल डाला. हालांकि इमोशनल हुए मेसी को जिस तरह स्पेन के सुपरस्टार लामिन यमाल ने संभाला वो भी फैंस का दिल जीत गया.
मेसी हुए इमोशनल, यमाल ने दिया सहारा
मैच हारने के बाद पोस्ट मैच सेरेमनी शुरू हुई जिसमें अर्जेंटीना के खिलाड़ियों को पहले स्टेज पर बुलाया गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप सभी खिलाड़ियों को मेडल देने वाले थे. अर्जेंटीना के खिलाड़ियों को रनरअप मेडल मिलना था. मेसी सबसे पहले स्टेज पर पहुंचे और वो ट्रंप से हाथ मिलाकर आगे जाने लगे. लेकिन ट्रंप ने उन्हें रोक लिया. उन्होंने मेसी को बताया कि उन्हें मेडल भी पहनना है. इसके बाद ट्रंप ने उनके गले में जैसे ही रनरअप मेडल डाला, उनका चेहरा भावुकता से भर गया. वो फूट-फूटकर रोने लगे.
39 साल के दिग्गज खिलाड़ी के ये आंसू सिर्फ हार के नहीं बल्कि उनके इंटरनेशनल करियर के दर्दनाक अंत की वजह से भी थे. हालांकि जब मेसी रो रहे थे तो स्पेन के खिलाड़ी यमाल उनके पास आए और गले लगाकर उन्हें सांत्वना देने लगे. 19 साल के इस खिलाड़ी को कभी मेसी ने अपनी गोद में खिलाया था और आज वो अपने आइडल को सहारा दे रहा था.
मेसी का फीफा वर्ल्ड कप में प्रदर्शन
फीफा वर्ल्ड कप में हार के बावजूद मेसी ने इस टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया. मेसी ने 8 मैचों में 8 गोल किए और उनके नाम 4 असिस्ट भी रहे. मतलब 12 गोल्स में उनका योगदान रहा. मेसी ने ग्रुप स्टेज से लेकर नॉकआउट तक अर्जेंटीना को संभाला. अल्जीरिया के खिलाफ हैट्रिक, ऑस्ट्रिया और दूसरे मैचों में उनके गोल और असिस्ट ने साबित किया कि उम्र सिर्फ एक नंबर ही है. मेसी ने वर्ल्ड कप इतिहास में उनके कुल गोल 21 गोल दागे हैं जो कि एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है.

