कोटा, 15 जुलाई (वेदांत समाचार)। बिलासपुर रेल मंडल के करगी रोड रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी के डिरेल होने के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 10 घंटे के भीतर 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि ट्रैक पर छोड़े गए जेसीबी (JCB) मशीन के बकेट से टकराने के कारण मालगाड़ी के तीन वैगन पटरी से उतर गए थे। इस मामले का मुख्य आरोपी निजी ठेकेदार पवन नायक अभी फरार है, जिसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
RPF के अनुसार, यह घटना 13 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 2:20 बजे करगी रोड रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 स्थित लाइन नंबर-3 पर हुई। N-Box-914 खाली रैक की मालगाड़ी के तीन वैगन अचानक पटरी से उतर गए। शुरुआती जांच में रेलवे ट्रैक पर पड़े भारी-भरकम JCB बकेट को हादसे का कारण माना गया। जांच के दौरान सामने आया कि अनूपपुर जिले के करपा निवासी निजी ठेकेदार पवन नायक ने JCB मशीन का बकेट इंदौर से करगी रोड भेजने के लिए ट्रेन संख्या 18233 इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस के ए-1 कोच का इस्तेमाल किया था। आरोप है कि कोच अटेंडेंट की मदद से बकेट को ट्रेन में लोड कराया गया और करगी रोड स्टेशन पहुंचने पर मजदूरों के जरिए उसे उतारा गया।
बताया गया कि मजदूर JCB बकेट को प्लेटफॉर्म-1 की ओर ले जा रहे थे। इसी दौरान अचानक मालगाड़ी के आने की सूचना मिलने पर घबराए मजदूर भारी बकेट को रेलवे ट्रैक पर ही छोड़कर वहां से हट गए। कुछ ही क्षण बाद तेज गति से पहुंची मालगाड़ी ट्रैक पर पड़े बकेट से टकरा गई, जिससे उसके तीन वैगन पटरी से उतर गए। हालांकि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन रेलवे परिचालन प्रभावित हुआ और रेलवे को नुकसान उठाना पड़ा।
घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए व्यापक जांच शुरू की। RPF की टीम ने इंदौर से बिलासपुर तक विभिन्न रेलवे स्टेशनों के CCTV फुटेज खंगाले। जांच के दौरान इंदौर रेलवे स्टेशन के फुटेज में JCB बकेट को नर्मदा एक्सप्रेस के ए-1 कोच में चढ़ाते हुए देखा गया। इसके बाद बिलासपुर में कोच अटेंडेंट को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उससे मिली जानकारी, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर RPF ने महज 10 घंटे के भीतर पूरे घटनाक्रम का खुलासा करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में कमलेश टेकाम उर्फ मुन्ना (25), नरहर सिंह उर्फ पिंटू (35), देवा सिंह उर्फ मुन्ना (38), बुद्ध सिंह (49), छत्रपति मरावी (32), लोकेश मांडवी (19), अनुराग मरावी (31), अभिषेक यादव (21), कोच अटेंडेंट मोहम्मद शमीर (24) और अमित यादव (23) शामिल हैं।
वहीं, इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी और निजी ठेकेदार पवन नायक अभी भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए RPF की विशेष टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
रेलवे सुरक्षा बल ने सभी आरोपियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के साथ-साथ इस घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। रेलवे ने इस घटना को गंभीर लापरवाही बताते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और सख्त करने की बात कही है।

