नई दिल्ली ,09 जुलाई: भारत से यूके के लिए रवाना होते हुए टीम इंडिया, BCCI और भारतीय फैंस ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि आने वाले हफ्तों में उसके लिए जीत के लाले पड़ जाएंगे. टी20 वर्ल्ड चैंपियन बनने के कुछ ही महीनों बाद यही भारतीय टीम आयरलैंड से टी20 सीरीज हार जाएगी. मगर ये हुआ और इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ हार का खौफ जेहन में भर गया, जो सच होने की कगार पर है. ब्रिस्टल में गुरुवार 9 जुलाई को चौथे टी20 मैच में टीम इंडिया पर सीरीज हार का खतरा मंडरा रहा है, जो भारत-इंग्लैंड सीरीज के टी20 सीरीज के इतिहास में अब तक देखने को नहीं मिला.
आयरलैंड के हाथों 0-2 से टी20 सीरीज में मिली चौंकाने वाली शिकस्त के बाद इंग्लैंड में भी टीम इंडिया की तकदीर अभी तक बदल नहीं सकी है. नए कप्तान श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में भारतीय टीम को सीरीज के 3 में से 2 मैच में हार का सामना करना पड़ा है. सीरीज का पहला ही मैच बारिश के कारण धुल गया था, नहीं तो नतीजा कुछ भी हो सकता था और टीम इंडिया की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए शायद इस सीरीज का फैसला पिछले मैच में ही हो गया होता.
पहली बार सीरीज हारने का खतरा
मगर ये खतरा अभी टला नहीं है. ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में गुरुवार को होने जा रहा चौथा टी20 मैच टीम इंडिया के लिए हर हाल में जीतना जरूरी है. अगर भारतीय टीम ये मैच जीतती है, तो उसे सीरीज बचाने के लिए एक मौका और मिलेगा. फिर फैसला 5वें और आखिरी मैच में होगा. मगर ब्रिस्टल में भी टीम इंडिया अगर हार के सिलसिले को तोड़ने में नाकाम रहती है तो उसे पहली बार इंग्लैंड के हाथों टी20 सीरीज में शिकस्त का सामना करना पड़ेगा.
भारत और इंग्लैंड के बीच कम से कम 2 मैच वाली टी20 सीरीज का सफर दिसंबर 2012 में शुरू हुआ था. तब पहली ही सीरीज 1-1 की बराबरी पर खत्म हुई थी. मगर उसके बाद जितनी भी 2 या उससे ज्यादा मैच की टी20 सीरीज हुई, वो सब भारतीय टीम ने जीती. कुल मिलाकर 2012 से 2026 के बीच भारत-इंग्लैंड के बीच लगभग 14 साल में ऐसी 6 सीरीज खेली गईं, जिसमें से 5 टीम इंडिया ने जीती और 1 ड्रॉ रही. ये सातवीं सीरीज है और यहां टीम इंडिया की सफलता के रिकॉर्ड पर दाग लगता दिख रहा है. क्या अय्यर और गंभीर की जोड़ी ये दाग लगने से बचा पाएगी? फैसला ब्रिस्टल में होगा.

