धमतरी, 15 जुलाई (वेदांत समाचार)। जिले की नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय (भा.पु.से.) ने बुधवार को जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना एवं चौकी प्रभारियों की परिचयात्मक बैठक लेकर कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धमतरी पुलिस की पहचान अनुशासित, पारदर्शी, संवेदनशील और जनोन्मुखी पुलिसिंग से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इस पर शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में बेसिक एवं विजिबल पुलिसिंग को प्राथमिकता देते हुए आम जनता के बीच पुलिस की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। बाजारों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, संवेदनशील स्थानों और धार्मिक स्थलों पर नियमित पैदल गश्त बढ़ाई जाए ताकि लोगों में सुरक्षा का विश्वास मजबूत हो और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
बैठक में उन्होंने थाना एवं चौकी प्रभारियों को अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के अनुशासन, कार्यप्रणाली तथा समयबद्ध ड्यूटी की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी पुलिसकर्मी निर्धारित वर्दी में उत्कृष्ट टर्नआउट के साथ ड्यूटी करें। उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों के नाम पुरस्कार के लिए भेजे जाएं, जबकि लापरवाही और कदाचार करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

अपराध नियंत्रण को लेकर एसपी भावना पांडेय ने नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जुआ, सट्टा, अवैध शराब और अन्य अवैध कारोबारों पर लगातार प्रभावी कार्रवाई की जाए। चाकूबाजी की घटनाओं पर विशेष निगरानी रखने के साथ ही असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से चाकू मंगाने वाले व्यक्तियों पर भी निगरानी रखकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने होटलों और ढाबों की नियमित जांच करने पर जोर देते हुए कहा कि कहीं भी अवैध रूप से शराब परोसने या बेचने की शिकायत मिलने पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए। इसके अलावा सराफा लाइन, बैंक, एटीएम और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों के आसपास रात्रि गश्त को और अधिक प्रभावी बनाने तथा नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
थाना प्रबंधन को लेकर पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना एवं चौकी परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने, सरकारी वाहनों एवं अन्य संसाधनों का समुचित रखरखाव करने और सभी सीसीटीवी कैमरों को पूरी तरह कार्यशील रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस परिसर की साफ-सफाई उसी तरह होनी चाहिए जैसे अपने घर की देखभाल की जाती है।
जनसुनवाई और शिकायतों के त्वरित निराकरण को प्राथमिकता देते हुए एसपी ने कहा कि थाने आने वाले प्रत्येक फरियादी और आगंतुक के साथ शालीन एवं संवेदनशील व्यवहार किया जाए। एफआईआर दर्ज करने योग्य मामलों में किसी प्रकार की टालमटोल नहीं होनी चाहिए और तत्काल अपराध दर्ज किया जाए। सभी ऑनलाइन पोर्टलों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए सीसीटीएनएस में एफआईआर और अन्य प्रविष्टियां समय पर अपडेट की जाएं। तकनीकी समस्या आने पर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर उसका शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने NATGRID सहित उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर अनुसंधान और अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया।
बैठक में न्यायालयीन कार्यों की समीक्षा करते हुए लंबित समंस और वारंटों के त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए गए ताकि लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित हो सके।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र कुमार पांडेय, नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक चतुर्वेदी, एसडीओपी कुरूद रागिनी मिश्रा, डीएसपी मोनिका मरावी, डीएसपी भानुप्रताप चंद्राकर, डीएसपी मीना साहू, एसडीओपी नगरी विपिन रंगारी, रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी, साइबर थाना प्रभारी, यातायात प्रभारी, महिला सेल प्रभारी, अजाक थाना प्रभारी, कैंप प्रभारी तथा अन्य राजपत्रित पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

