बिलासपुर/कोरबा, 13 जुलाई। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की प्रमुख कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल ‘एसईसीएल के सुश्रुत’ ने एक नई उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के कोयला मंत्रालय की अधिसूचना के साथ यह भारत सरकार के राजपत्र में अधिसूचित होने वाली किसी भी कोल सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) की पहली सीएसआर योजना बन गई है।
कोयला मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब इस योजना के लाभार्थियों के लिए आधार प्रमाणीकरण की सुविधा उपलब्ध होगी। यह व्यवस्था आधार अधिनियम-2016 एवं आधार प्रमाणीकरण नियम-2020 के तहत लागू की गई है। इसका उद्देश्य योजना के लाभों का पारदर्शी, लक्षित और तकनीक आधारित वितरण सुनिश्चित करना है। वहीं, जो लाभार्थी आधार प्रमाणीकरण का उपयोग नहीं करना चाहते, उनके लिए सरकार द्वारा मान्य वैकल्पिक पहचान पत्रों के माध्यम से भी लाभ प्राप्त करने की व्यवस्था जारी रहेगी।
वर्ष 2023 में शुरू की गई ‘एसईसीएल के सुश्रुत’ योजना के तहत कंपनी के संचालन क्षेत्रों के मेधावी विद्यार्थियों को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की निःशुल्क आवासीय कोचिंग उपलब्ध कराई जाती है, ताकि वे चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अपना भविष्य संवार सकें।
योजना के परिणाम भी उत्साहजनक रहे हैं। पहले बैच (2023-24) में 40 में से 39 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की। इनमें 11 विद्यार्थियों का एमबीबीएस, दो-दो का बीडीएस, बीएएमएस और बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी तथा दो विद्यार्थियों का सरकारी संस्थानों में वेटरनरी पाठ्यक्रम में प्रवेश हुआ। दूसरे बैच (2024-25) में 40 में से 31 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस और बैचलर ऑफ फिशरीज साइंस सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में सरकारी संस्थानों में प्रवेश प्राप्त किया।
उल्लेखनीय है कि ‘एसईसीएल के सुश्रुत’ इससे पहले भारत सरकार के डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) पोर्टल पर सूचीबद्ध होने वाली भी किसी कोल पीएसयू की पहली और अब तक की एकमात्र सीएसआर योजना है। राजपत्र में अधिसूचना के बाद योजना को और मजबूत संस्थागत आधार मिलेगा, जिससे पात्र विद्यार्थियों तक लाभ पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक-सक्षम तरीके से पहुंचाया जा सकेगा।

