छत्तीसगढ़ में बिजली पारेषण व्यवस्था हुई मजबूत: लिटिया सेमरिया 220/132 केवी उपकेंद्र में 320 एमवीए अतिरिक्त क्षमता शुरू, सेमीकंडक्टर पार्क को मिलेगा फायदा - vedantsamachar.in

छत्तीसगढ़ में बिजली पारेषण व्यवस्था हुई मजबूत: लिटिया सेमरिया 220/132 केवी उपकेंद्र में 320 एमवीए अतिरिक्त क्षमता शुरू, सेमीकंडक्टर पार्क को मिलेगा फायदा

रायपुर, 13 जुलाई 2026 (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को गति देने और प्रदेश की विद्युत पारेषण व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने राजनांदगांव जिले के 220/132 केवी लिटिया सेमरिया उपकेंद्र में स्थापित 160-160 एमवीए क्षमता के दो पावर ट्रांसफार्मरों का सफलतापूर्वक ऊर्जीकरण कर दिया है। इसके साथ ही उपकेंद्र में 320 एमवीए की अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता उपलब्ध हो गई है, जिससे राजनांदगांव और दुर्ग संभाग की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनेगी।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने दोनों ट्रांसफार्मरों का ऊर्जीकरण किया। पहला ट्रांसफार्मर शाम 5:22 बजे तथा दूसरा ट्रांसफार्मर 5:27 बजे सफलतापूर्वक चालू किया गया। इस परियोजना के पूरा होने से बढ़ती बिजली मांग के अनुरूप विद्युत भार का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा और भविष्य की आवश्यकताओं के लिए भी पर्याप्त क्षमता उपलब्ध रहेगी।

प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने इस उपलब्धि पर परियोजना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पारेषण नेटवर्क का लगातार विस्तार और आधुनिकीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लिटिया सेमरिया उपकेंद्र में बढ़ी ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता से वर्तमान के साथ-साथ भविष्य की बिजली जरूरतों को भी आसानी से पूरा किया जा सकेगा।

उन्होंने बताया कि इस उपकेंद्र से 132 केवी वोल्टेज स्तर पर राजनांदगांव जिले के पटेवा में प्रस्तावित इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी-2.0) एवं सेमीकंडक्टर पार्क को गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति का मार्ग प्रशस्त होगा। इसके अलावा बिजेभाट में विकसित होने वाले नए औद्योगिक क्षेत्र को भी पर्याप्त और विश्वसनीय विद्युत उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे प्रदेश में नए औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

इस परियोजना का लाभ केवल औद्योगिक इकाइयों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुर्ग और राजनांदगांव क्षेत्र के घरेलू, कृषि तथा अन्य उपभोक्ताओं को भी अधिक स्थिर और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति मिलेगी। अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होने से ओवरलोडिंग की समस्या कम होगी और बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (लाइन) संजय पटेल, कार्यपालक निदेशक (पीसी एंड आरए) के. एस. मिनोठिया, कार्यपालक निदेशक (ट्रांसमिशन) वी. के. दीक्षित, डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक (ओ एंड एम) संजय आर. बी. खंडेलवाल, कार्यपालक निदेशक दुर्ग क्षेत्र शिरीष सालेट, मुख्य अभियंता (सब-स्टेशन) अब्राहम वर्गीज, मुख्य अभियंता (परियोजना) प्रसन्ना गोसावी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता पी. पी. सिंह, आर. के. तिवारी, आर. के. मिश्रा, अधीक्षण अभियंता करुणेश यादव, सुनील भुआर्य सहित बड़ी संख्या में अभियंता, अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

इस नई उपलब्धि से छत्तीसगढ़ की विद्युत पारेषण प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी तथा राज्य में प्रस्तावित बड़े औद्योगिक निवेशों को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार होगा। इससे प्रदेश के औद्योगिक विकास के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं को भी बेहतर विद्युत सेवाओं का लाभ मिलेगा।