नई दिल्ली। अगर आप भी ऑनलाइन ग्रॉसरी या खाने-पीने का सामान मंगाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने ऑनलाइन ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म Swiggy Instamart को एक्सपायर्ड, सड़े-गले और खराब खाद्य उत्पादों की डिलीवरी से जुड़ी लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एक-दो नहीं, बल्कि 9 अलग-अलग नोटिस जारी किए हैं। इन नोटिसों में कंपनी से दस्तावेजों के साथ विस्तृत जवाब मांगा गया है। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि समय पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
FSSAI के अनुसार, उपभोक्ताओं से लगातार ऐसी शिकायतें प्राप्त हुई हैं जिनमें एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ, सड़े हुए अंडे, खराब दूध, बदबूदार पैक्ड फूड और अन्य असुरक्षित उत्पाद ग्राहकों तक पहुंचाए जाने का आरोप लगाया गया है। इन शिकायतों के आधार पर फूड रेगुलेटर ने कंपनी के गुणवत्ता नियंत्रण, खाद्य सुरक्षा मानकों और संचालन प्रणाली की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
जांच के दौरान सामने आए आरोपों के अनुसार, ग्राहकों को Healthify 100% Whey Protein (1 kg) और Noice Homestyle Madras Mixture with Peanuts जैसे उत्पाद उनकी एक्सपायरी डेट समाप्त होने के बाद भी डिलीवर किए गए। इसके अलावा Akshayakalpa Organic Eggs के सड़े हुए, बदबूदार और खराब हालत में पहुंचने की शिकायतें भी दर्ज हुई हैं। वहीं Kakke Da Paratha खराब गुणवत्ता और दुर्गंधयुक्त स्थिति में ग्राहकों तक पहुंचा, जिसे खाने योग्य नहीं बताया गया।
मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा। शिकायतों में यह भी कहा गया कि एक ग्राहक को खराब स्थिति में शिशु आहार (Infant Formula) भेजा गया। ग्राहक द्वारा उत्पाद वापस करने के बावजूद दोबारा वही खराब उत्पाद भेज दिया गया। इसके अलावा दूषित अंडों, खराब दूध और क्षतिग्रस्त पैकेजिंग वाले खाद्य पदार्थों की डिलीवरी की भी कई शिकायतें FSSAI के पास पहुंची हैं।
फूड रेगुलेटर का कहना है कि ये सभी शिकायतें Food Safety and Standards Act, 2006 के संभावित उल्लंघन की ओर संकेत करती हैं। इसलिए कंपनी से प्रत्येक शिकायत के संबंध में विस्तृत स्पष्टीकरण और संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं।
जांच के दौरान लाइसेंस संबंधी गंभीर अनियमितताएं भी सामने आई हैं। FSSAI के अनुसार, NOICE Eggs नाम से बेचे जा रहे उत्पाद कंपनी के मौजूदा FSSAI लाइसेंस में स्वीकृत उत्पाद श्रेणी का हिस्सा नहीं थे। प्राधिकरण ने निर्देश दिया है कि जब तक संबंधित उत्पाद को वैध लाइसेंस के दायरे में शामिल नहीं किया जाता, तब तक उसकी बिक्री तत्काल रोकी जाए। आवश्यकता पड़ने पर लाइसेंस में संशोधन कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ मामलों में ऐसे FSSAI लाइसेंस नंबरों का उपयोग किया गया जो गलत, अमान्य या अस्तित्व में ही नहीं थे। कई खाद्य उत्पादों पर गलत लाइसेंस नंबर पाए गए, जबकि कुछ खाद्य व्यवसाय ऐसे नाम से संचालित होते मिले जिनका पंजीकरण किसी अन्य नाम से था। इसे खाद्य सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जा रहा है।
उपभोक्ता शिकायत निवारण प्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। कई ग्राहकों ने आरोप लगाया कि खराब खाद्य सामग्री की शिकायत करने के बावजूद उन्हें संतोषजनक समाधान नहीं मिला। कुछ मामलों में केवल रिफंड देकर मामला समाप्त करने का प्रयास किया गया, जबकि खाद्य सुरक्षा जैसे गंभीर विषय पर उचित कार्रवाई नहीं की गई। ग्राहकों का कहना है कि कंपनी की ओर से न तो स्पष्ट जवाब दिया गया और न ही भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए कोई भरोसा दिलाया गया।
FSSAI ने Swiggy Instamart से अपने गुणवत्ता नियंत्रण और फूड सेफ्टी सिस्टम की विस्तृत जानकारी भी मांगी है। कंपनी को यह बताना होगा कि खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता जांच किस प्रकार की जाती है, स्टॉक और इन्वेंटरी का प्रबंधन कैसे होता है, एक्सपायरी डेट वाले उत्पादों की निगरानी कैसे की जाती है, स्टोरेज और हैंडलिंग के लिए क्या मानक अपनाए जाते हैं तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कौन-कौन से सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
फूड रेगुलेटर ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कंपनी की ओर से संतोषजनक जवाब और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, तो Food Safety and Standards Act, 2006 के प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में लाइसेंस संबंधी दंडात्मक कदम और अन्य वैधानिक प्रावधान भी शामिल हो सकते हैं।
ऑनलाइन ग्रॉसरी और क्विक कॉमर्स सेवाओं के तेजी से बढ़ते उपयोग के बीच यह मामला खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता अधिकारों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। FSSAI की इस कार्रवाई से साफ संकेत मिला है कि खाद्य सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

