मुंबई, 22 जून, 2026: पिता बनने का अनुभव अक्सर वह नज़रिया देता है, जिससे इंसान अपने ही माता-पिता को और गहराई से समझने लगता है। अभिनेता इक़बाल खान के लिए यह सफर असल ज़िंदगी और पर्दे दोनों पर चलता है। सोनी सब के शो ‘यादें’ में डॉ. देव मेहता का किरदार निभा रहे इक़बाल खान को अपने निजी अनुभवों और किरदार की भावनात्मक परतों में कई समानताएँ मिलती हैं।
डॉ. देव और जिया (हर्लीन रुपानी) के बीच दर्शकों ने कई दिल छू लेने वाले पल देखे हैं और ये दृश्य इक़बाल खान के लिए भी बेहद खास मायने रखते हैं। असल ज़िंदगी में दो बेटियों के पिता होने के नाते, इक़बाल पैरेंटिंग से जुड़ी भावनाओं को सहजता से महसूस करते हैं। चाहे बच्चे की सोच को समझना हो, नई पीढ़ी के साथ तालमेल बैठाना हो या फिर धैर्य रखना सीखना हो, वे मानते हैं कि पिता बनना एक ऐसा सफर है, जो हर दिन कुछ नया सिखाता है। पर्दे और असल ज़िंदगी दोनों में पिता की भूमिका निभाते हुए इक़बाल खान लगातार सीखते रहते हैं और अपने अनुभव साझा करते हैं। वे कहते हैं कि पिता बनने का सफ़र उन्हें रोज़ाना नई सीख देता है और यही सीख उनके अभिनय को और गहराई देती है।
यादें में डॉ. देव मेहता का किरदार निभाने वाले इक़बाल खान ने बताया कि पिता बनने के बाद इस रोल को लेकर उनका नज़रिया कैसे बदला है। उन्होंने कहा, “पर्दे पर पिता का किरदार निभाना मेरे लिए बहुत खास अनुभव है, क्योंकि असल ज़िंदगी में पिता बनने का मेरा सफर मेरे अभिनय को प्रभावित करता है। पिता बनने ने मुझे धैर्य सिखाया है और यह भी कि हर स्थिति पर तुरंत प्रतिक्रिया देना ज़रूरी नहीं होता, चाहे वह पल कितना भी भारी क्यों न लगे। यही चीज़ मैं डॉ. देव के किरदार में भी लाने की कोशिश करता हूँ। हर्लीन के साथ काम करना भी शानदार रहा है और उसका नज़रिया मुझे याद दिलाता है कि आज की पीढ़ी दुनिया को कितनी अलग तरह से देखती है। असल ज़िंदगी और पर्दे दोनों पर पिता होने के नाते मैं हमेशा नई पीढ़ी को समझने और उनके नज़रिये को अपनाने की कोशिश करता हूँ। यही ईमानदारी और सच्चाई मेरे किरदार में झलकती है।”
देखिए ‘यादें’, हर सोमवार से शनिवार रात 8 बजे, सिर्फ सोनी सब पर।

