अयोध्या: राम मंदिर से सोने-चांदी और हीरे की 1250 श्रीराम शिलाएं गायब; धर्मसेना के संस्थापक का नया दावा - vedantsamachar.in

अयोध्या: राम मंदिर से सोने-चांदी और हीरे की 1250 श्रीराम शिलाएं गायब; धर्मसेना के संस्थापक का नया दावा

अयोध्या,17 जून। श्रीराम मंदिर की दान राशि गबन के मामले के बीच एक और बड़ा दावा सामने आया है। धर्मसेना के संस्थापक और श्रीराम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे संतोष दुबे ने दावा किया है कि देश-विदेश से पूजित होकर अयोध्या लाई गईं सोने, चांदी, हीरे और अष्टधातु की 1250 श्रीराम शिलाएं गायब हो चुकी हैं।

यह हर किसी को सकते में डालने वाला आरोप है। संतोष ने थाने में तहरीर दी है। इसमें उन्होंने गबन मामले में ट्रस्ट के पदाधिकारियों व कर्मचारियों पर आरोप लगाए हैं। उधर, टिन्नू के घर से करोड़ों रुपये का सोना बरामद होने की भी चर्चा है। संतोष के मुताबिक, ये शिलाएं ढाई दशक पहले तक कारसेवकपुरम में थीं। साथ में मिट्टी की भी शिलाएं रखी गई थीं। अब वहां सिर्फ मिट्टी की शिलाएं हैं, जबकि कीमती शिलाएं गायब हो चुकी हैं। संतोष का कहना है कि सोने, चांदी, हीरे और अष्टधातु की शिलाओं की देखरेख की जिम्मेदारी ट्रस्ट के महासचिव की थी। ऐसे में सवाल यह है कि जिम्मेदारी तय होने के बाद भी ये शिलाएं कहां गायब हो गईं।


संतोष ने बताया कि वर्ष 1989 में श्रीराम मंदिर आंदोलन के दौरान अभियान चलाकर घर-घर से चंदा इकट्ठा किया गया था। पूजित शिलाएं भी मांगी गई थीं, जिनका इस्तेमाल मंदिर निर्माण में होना था। उन्हें हीरे, सोने, चांदी व अष्टधातु की शिलाओं का लेखाजोखा तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी।


इस काम में उनके साथ संघ के कई पदाधिकारी भी शामिल थे। उन्होंने दावा किया कि तब सबसे कीमती शिला मॉरीशस से आई थी। इसके अलावा कई व्यापारियों ने सोने और हीरे जड़ित शिलाएं भी दी थीं।


इस पर भी सवाल…
संतोष ने बताया कि पांच फरवरी 2020 को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बना था। न्यास को इसी में समाहित कर दिया गया था। उस दौरान ट्रस्ट के खाते में साढ़े आठ करोड़ रुपये दिखाए गए थे। उनका आरोप है कि उस समय भी कीमती शिलाओं का कोई जिक्र नहीं किया गया था। संतोष ने सीधे तौर पर महासचिव चंपत राय पर आरोप लगाए हैं। हालांकि संतोष ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। वे सिर्फ उनके मौखिक आरोप हैं। अब देखना होगा कि पुलिस उनकी तहरीर पर कार्रवाई करती है या नहीं।