कोरबा, 01 अगस्त (वेदांत समाचार)। जिले के रजगामार क्षेत्र में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में पिता और उसके 6 वर्षीय बेटे की मौत हो गई, जबकि मां गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसा डुमरडीह जंगल के पास मुख्य मार्ग पर हुआ, जहां पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने स्कूटी सवार परिवार को जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना के बाद आरोपी कार चालक मौके से फरार हो गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम मौहार निवासी चैत राम राठिया अपनी पत्नी सुमित्रा राठिया और 6 वर्षीय बेटे दिशांत राठिया के साथ स्कूटी से अपने घर लौट रहे थे। शनिवार दोपहर करीब 3 बजे जब वे डुमरडीह जंगल के पास मुख्य मार्ग से गुजर रहे थे, तभी पीछे से तेज गति से आ रही एक कार ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी कई मीटर तक सड़क पर घिसटती चली गई। हादसे में मासूम दिशांत राठिया की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके पिता चैत राम राठिया और मां सुमित्रा राठिया गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत तीनों को जिला अस्पताल पहुंचाया।अस्पताल में इलाज के दौरान चैत राम राठिया ने भी दम तोड़ दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल सुमित्रा राठिया का इलाज जिला अस्पताल के आईसीयू में जारी है।


डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि कार में सवार लोग शराब के नशे में थे और वाहन को बेहद तेज रफ्तार से चला रहे थे। हादसे के बाद कार सवार कुछ देर के लिए मौके पर रुके, लेकिन बाद में वाहन लेकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही रजगामार पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस फरार कार चालक और वाहन की तलाश में जुट गई है।बताया जा रहा है कि चैत राम राठिया अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में तीन बेटे और एक बेटी सहित कुल चार बच्चे हैं। इस हादसे में परिवार ने अपने मुखिया के साथ एक मासूम बेटे को भी खो दिया, जिससे पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
ग्रामीणों का आरोप है कि डुमरडीह जंगल और रजगामार मार्ग पर आए दिन तेज रफ्तार वाहन दौड़ते हैं और कई चालक नशे की हालत में वाहन चलाते हैं। इसके बावजूद पुलिस द्वारा नियमित जांच और सख्त कार्रवाई नहीं किए जाने से लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। ग्रामीणों ने इस मार्ग पर नियमित वाहन जांच अभियान, स्पीड कंट्रोल और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

