- पेंशन, स्वास्थ्य सुविधा और डिजिटल सेवाओं में बड़े सुधार; रिटायर कर्मचारियों की जीवन गुणवत्ता बेहतर बनाने पर जोर
नई दिल्ली/कोरबा, 01 अगस्त (वेदांत समाचार)। कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण पहल शुरू की हैं। कंपनी द्वारा पेंशन प्रशासन, स्वास्थ्य सेवाओं, शिकायत निवारण और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए गए सुधारों का लाभ 4.5 लाख से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों को मिल रहा है।
कोल इंडिया ने राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा में योगदान देने वाले अपने पूर्व कर्मचारियों के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराते हुए सेवानिवृत्ति के बाद बेहतर जीवन, आर्थिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाओं को प्रभावी बनाया है।
कोल माइंस पेंशन योजना के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन को 8 मार्च 2024 से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दिया गया है। इस निर्णय से लगभग 40 हजार पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिला है। इससे सेवानिवृत्त खनिकों और उनके परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिली है।
कोल इंडिया ने कोल माइंस प्रोविडेंट फंड संगठन (CMPFO) के सहयोग से पेंशन प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सी-केयर्स (C-CARES) प्लेटफॉर्म के माध्यम से पेंशन प्रशासन को अधिक सरल और पारदर्शी बनाया गया है। इसके परिणामस्वरूप सेवानिवृत्ति संबंधी दावों के निपटारे की औसत अवधि 30 दिनों से घटकर लगभग 10 दिन रह गई है।
कंपनी द्वारा पेंशन संशोधन और संशोधित पेंशन भुगतान आदेश (PPO) जारी करने के लिए नए डिजिटल मॉड्यूल विकसित किए जा रहे हैं। इससे पूरी प्रक्रिया को पेपरलेस और अधिक सुविधाजनक बनाया जा सकेगा। सी-केयर्स पोर्टल के माध्यम से सेवानिवृत्ति के दिन ही PPO जारी करने तथा CMPF देयों के निपटारे की व्यवस्था भी की गई है।
कोल इंडिया ने अपने मुख्यालय और सभी अनुषंगी कंपनियों में पोस्ट रिटायरमेंट बेनिफिट (PRB) सेल स्थापित किए हैं। ये सेल सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए सहायता केंद्र के रूप में कार्य कर रहे हैं, जहां पेंशन, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य सेवाओं से संबंधित समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी कोल इंडिया ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए बड़ी सुविधा उपलब्ध कराई है। अंशदायी सेवानिवृत्ति उपरांत चिकित्सा योजना (CPRMS) के तहत लगभग 1.13 लाख पंजीकृत सेवानिवृत्त कर्मचारियों को देशभर के 532 सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है।
इस योजना के तहत सेवानिवृत्त अधिकारियों को 25 लाख रुपये तक और गैर-अधिकारियों को 8 लाख रुपये तक का चिकित्सा कवरेज उपलब्ध कराया जाता है। वहीं, अधिसूचित गंभीर बीमारियों के इलाज का खर्च इन सीमाओं से अलग रखा गया है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य परिस्थितियों में अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा मिलती है।
कोल इंडिया की इन पहलों का असर वित्तीय सहायता के आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में भविष्य निधि (PF) का वितरण बढ़कर 13,608.8 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष के 11,391.6 करोड़ रुपये की तुलना में 19.5 प्रतिशत अधिक है। इसी अवधि में पेंशन वितरण 22.9 प्रतिशत बढ़कर 6,427 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 5,229.1 करोड़ रुपये था।
वित्त वर्ष 2025-26 में भविष्य निधि और पेंशन वितरण में कुल 3,415.1 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई। कोल इंडिया अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसके अलावा कंपनी अपने सूचीबद्ध अवकाश गृहों (Holiday Homes) की सुविधाएं भी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उपलब्ध करा रही है, जिससे उनके सामाजिक जुड़ाव और समग्र कल्याण को बढ़ावा मिल रहा है।

