दुर्ग,17 जून (वेदांत समाचर)। बीएसपी स्क्रैप चोरी के बहुचर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी संजय सिंह को उत्तरप्रदेश के देवरिया से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को मंगलवार को दुर्ग लाया गया। वहीं मामले में संलिप्त पाए गए एक अन्य आरोपी पिंटू उर्फ उपेंद्र ओझा को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर सात दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। दरअसल 26 मई को ग्राम अकलोरडीह खदान पारा स्थित एके ट्रेडर्स, प्लॉट नंबर 18 ए/05, एचआईए हथखोज भिलाई में जांच के दौरान बड़े पैमाने पर बीएसपी से चोरी किए गए स्क्रैप का खुलासा हुआ था।
यहां एक खंडेलवाल के नाम पर बीएसपी में फ्लाईएश डस्ट उठाने का टेंडर लिया गया था, जिसमें पाटर्नर संजय सिंह ने यह पूरा खेल शुरू किया था। चोरी की घटना के बाद बीएसपी महाप्रबंधक (ब्लास्ट फर्नेस) ने संजय सिंह, मो. सलीम और चिन्तानंद साहू के खिलाफ FIR दर्ज कराया था। रेड के दौरान मौके पर पुलिस को हाईवा और ट्रकों में फ्लाई ऐश डस्ट की आड़ में चोरी की लोहे की प्लेट बीम और कटिंग सामग्री लोड होना पाया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 250 टन लोहे की प्लेट एवं बीम कटिंग बरामद की थी, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 90 लाख रुपये आंकी गई थी। इसके अलावा स्क्रैप परिवहन और लोडिंग में इस्तेमाल होने वाले वाहन एवं मशीनों को मिलाकर करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी।
पहले ही 8 आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में पूर्व में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। मुख्य आरोपी संजय सिंह अपराध दर्ज होने के बाद से लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बच रहा था। सूचना मिलने के बाद विशेष टीम ने यूपी के देवरिया में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि बीएसपी से चोरी किए गए स्क्रैप का अवैध संग्रहण कर आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से यह पूरा अपराध किया जा रहा था। मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

