नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक, गणवेश, मध्यान्ह भोजन, छात्रवृत्ति के बाद भी शासकीय स्कूलों में घट रही छात्रों की संख्या - vedantsamachar.in

नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक, गणवेश, मध्यान्ह भोजन, छात्रवृत्ति के बाद भी शासकीय स्कूलों में घट रही छात्रों की संख्या

महासमुंद, 12 जून (वेदांत समाचार)। सरकार बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए हर साल करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। छात्रों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें, गणवेश, मध्यान्ह भोजन, छात्रवृत्ति, बालिकाओं को साइकिल और स्कूल भवन जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं, ताकि आर्थिक कारणों से कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, लेकिन महासमुंद जिले के सरकारी आंकड़े ही एक चिंताजनक तस्वीर पेश कर रहे हैं। जिले में पिछले पांच वर्षों में शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों की दर्ज संख्या लगातार घटती जा रही है।

पालकों और शिक्षकों का मानना है कि शिक्षकों की कमी और गैर-शैक्षणिक कार्य इसका बड़ा कारण है, जबकि शिक्षा विभाग इस पर स्पष्ट जवाब देने से बचता नजर आ रहा है। महासमुंद जिले में कक्षा पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए कुल 1956 शासकीय स्कूल संचालित हैं। इनमें 1276 प्राथमिक, 492 माध्यमिक, 62 हाई स्कूल और 126 हायर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं। विद्यार्थियों की संख्या पर नजर डालें तो वर्ष 2021-22 में सरकारी स्कूलों में 1 लाख 70 हजार 980 छात्र-छात्राएं दर्ज थे। यह संख्या वर्ष 2022-23 में घटकर 1 लाख 62 हजार 310 हो गई। वर्ष 2023-24 में 1 लाख 54 हजार 809, वर्ष 2024-25 में 1 लाख 48 हजार 57 और वर्ष 2025-26 में घटकर 1 लाख 41 हजार 503 रह गई।

पांच वर्षों में सरकारी स्कूलों से कुल 29 हजार 477 विद्यार्थियों की कमी दर्ज की गई है। पालकों का कहना है कि स्कूलों में पर्याप्त सुविधाओं और शिक्षकों की कमी के कारण वे अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजने को मजबूर हैं। शिक्षक भी सरकारी स्कूलों में घटती छात्र संख्या के पीछे शिक्षकों की कमी और गैर-शैक्षणिक कार्यों का दबाव जिम्मेदार मान रहे हैं। उनका कहना है कि विभिन्न शासकीय कार्यों में व्यस्त रहने के कारण शिक्षक विद्यार्थियों को पर्याप्त समय नहीं दे पाते, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है। हालांकि, शिक्षा विभाग के अधिकारी इस विषय पर अपने ही आंकड़ों की दोबारा जांच की बात कह रहे हैं, और स्पष्ट रूप से किसी कारण को स्वीकार करने से बचते नजर आ रहे हैं।

दिलचस्प बात यह है कि जहां सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार घट रही है, वहीं जिले के निजी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ रही है। जिले में वर्तमान में 283 गैर-शासकीय स्कूल संचालित हैं। वर्ष 2023-24 में निजी स्कूलों में 48 हजार 91 विद्यार्थियों का नामांकन था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 51 हजार 835 हो गया। वहीं वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 55 हजार 222 पहुंच गई। केवल तीन वर्षों में निजी स्कूलों में 7 हजार 131 विद्यार्थियों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकारी स्कूलों में मुफ्त सुविधाएं और अरबों रुपये के खर्च के बावजूद यदि विद्यार्थी लगातार कम हो रहे हैं, और निजी स्कूलों की ओर रुख कर रहे हैं, तो यह शासन और प्रशासन दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सरकारी स्कूलों से बच्चों का भरोसा क्यों कम हो रहा है, और इसे वापस कैसे हासिल किया जाए।

विद्यालय प्रतिवेदन 2023-24, जिला महासमुंद (छत्तीसगढ़) – यू-डाइस 2023-24
विद्यालयों की संख्या
सभी प्रबंधन (ALL MGT)

क्र.विकासखंडप्राथमिकपूर्व माध्यमिकमाध्यमिकउच्च माध्यमिककुल
1बागबाहरा2881071436445
2बसना2581011427400
3महासमुंद2471392942457
4पिथौरा2951421638491
5सरायपाली2771111737442
कुल1365600901802235

केवल शासकीय विद्यालय (ONLY GOVT)

क्र.विकासखंडप्राथमिकपूर्व माध्यमिकमाध्यमिकउच्च माध्यमिककुल
1बागबाहरा274931026403
2बसना247821119359
3महासमुंद2261082026381
4पिथौरा2811181030439
5सरायपाली249911125375
कुल1277492621261957

विद्यार्थियों की संख्या
सभी प्रबंधन (ALL MGT)

क्र.विकासखंडप्राथमिकपूर्व माध्यमिकमाध्यमिकउच्च माध्यमिककुल
1बागबाहरा18867117876260356540479
2बसना1477991025117345232460
3महासमुंद24424155098458495853167
4पिथौरा19421123986779453643134
5सरायपाली1435292635505434033660
कुल91861580593211920851202890

केवल शासकीय विद्यालय (ONLY GOVT)

क्र.विकासखंडप्राथमिकपूर्व माध्यमिकमाध्यमिकउच्च माध्यमिककुल
1बागबाहरा1492898235063284832662
2बसना1114272684295280625511
3महासमुंद17205122986737385840098
4पिथौरा1469698985305337233271
5सरायपाली959186883998381225267
कुल67562461552539816594154809