जांजगीर-चांपा, 27 जुलाई (वेदांत समाचार)। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच पीड़ितों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से जांजगीर-चांपा पुलिस ने पहली बार भारत सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार एक दिवसीय विशेष साइबर सहायता शिविर का आयोजन किया। साइबर थाना जांजगीर में आयोजित इस शिविर में जिले सहित आसपास के क्षेत्रों के 106 साइबर ठगी पीड़ितों की शिकायतों का निराकरण किया गया। इस दौरान कुल 8 लाख 98 हजार 310 रुपये की राशि वापसी के लिए प्रक्रिया पूरी की गई।
पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में आयोजित शिविर में जांजगीर-चांपा जिले के अलावा शक्ति, कोरबा और बलरामपुर जिले से भी साइबर ठगी के पीड़ित पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें कानूनी और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई।
शिविर में भारत सरकार की नई व्यवस्था के तहत ग्रेवियंस रिड्रेसल मैकेनिज्म (GRM) और मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) के माध्यम से साइबर ठगी के मामलों में कार्रवाई की गई। फ्रॉड की राशि खाते में आने के कारण फ्रिज किए गए खातों को डिफ्रिज कराने के लिए 47 पीड़ितों के आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रक्रिया पूरी कर आगे भेजा गया।
वहीं, MRM पोर्टल के माध्यम से 17 पीड़ितों के 77 हजार 310 रुपये वापस कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन दर्ज किए गए। इसके अलावा 50 हजार रुपये से अधिक होल्ड राशि वाले मामलों में 10 पीड़ितों की कुल 8 लाख 21 हजार रुपये की राशि वापसी के लिए न्यायालय भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई।
शिविर के दौरान पुलिस ने गुम हुए 20 मोबाइल फोन भी उनके वास्तविक मालिकों को वापस किए। पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक जांजगीर-चांपा जिले में कुल 636 गुम मोबाइल बरामद कर वापस किए जा चुके हैं, जिनकी अनुमानित कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक है।
साइबर ठगी पीड़ितों को राहत देने के लिए आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य लंबित शिकायतों का त्वरित निराकरण करना, ठगी की राशि वापस दिलाने की प्रक्रिया को आसान बनाना और नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना था। शिविर के दौरान 1930 हेल्पलाइन और NCRP पोर्टल पर दर्ज साइबर ठगी शिकायतों की समीक्षा की गई। विभिन्न बैंक खातों में होल्ड कराई गई राशि की जांच के बाद पात्र मामलों में राशि वापसी की कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने शिविर में मौजूद नागरिकों को साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, बैंक संबंधी जानकारी और OTP किसी के साथ साझा न करें।
उन्होंने डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजना, ऑनलाइन लोन, KYC अपडेट और सोशल मीडिया हैकिंग जैसे साइबर अपराधों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, जिससे समय रहते ठगी की राशि को होल्ड कर वापस दिलाने की संभावना बढ़ सके।
पुलिस ने बताया कि GRM पोर्टल उन पीड़ितों के लिए है जिनके खाते साइबर ठगी की राशि आने के कारण होल्ड या फ्रिज किए गए हैं। वहीं MRM पोर्टल के माध्यम से 50 हजार रुपये से कम होल्ड राशि वाले मामलों में बिना न्यायालय प्रक्रिया के राशि वापसी के लिए आवेदन किया जा सकता है। 50 हजार रुपये से अधिक राशि के मामलों में न्यायालय आदेश आवश्यक होता है।
इस विशेष सहायता शिविर को सफल बनाने में ASP उमेश कुमार कश्यप के मार्गदर्शन और CSP जांजगीर योगिता बाली खापर्डे के नेतृत्व में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा सहित पुलिस टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। टीम में ASI विवेक सिंह, प्रधान आरक्षक मनोज तिग्गा, राजकुमार चंद्रा, आरक्षक रोहित कहरा, माखन साहू, प्रदीप दुबे, गिरीश कश्यप, कमलेश, विशाल सिंह, सिदार सिंह पैकरा, आशुतोष कर्ष, मोहम्मद शाहबाज, महिला आरक्षक अंजना लकड़ा और दिव्या सिंह शामिल रहे।

