नई दिल्ली/रायपुर, 27 जुलाई (वेदांत समाचार)। जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने की। बैठक में छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव सहित राज्य के लोकसभा और राज्यसभा सांसद मौजूद रहे। इस दौरान प्रदेश में जल जीवन मिशन की प्रगति, योजनाओं की स्थिति और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सांसदों ने अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों की जानकारी साझा की। ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने, लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने और पेयजल योजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने मिशन के तहत चल रहे कार्यों की नियमित निगरानी और समयबद्ध तरीके से योजनाओं को पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर जल जीवन मिशन 2.0 को गति देने की बात कही।
बैठक में जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी चर्चा हुई। सांसदों से आग्रह किया गया कि वे जिला स्तरीय बैठकों में सक्रिय भागीदारी निभाएं और योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं के समाधान में सहयोग करें। साथ ही, पूर्ण हो चुकी पेयजल योजनाओं के लोकार्पण और ग्राम पंचायतों को उनके हस्तांतरण की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों ने बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 की प्रमुख विशेषताओं, कार्ययोजना और क्रियान्वयन रणनीति की जानकारी दी। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता बढ़ाने, योजनाओं की गुणवत्ता बनाए रखने और मिशन के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देशों पर चर्चा हुई।
बैठक में छत्तीसगढ़ के लोकसभा सांसदों में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, चिंतामणि महाराज, राधेश्याम राठिया, कमलेश जांगड़े, ज्योत्सना महंत, संतोष पांडेय, विजय बघेल, बृजमोहन अग्रवाल, रूपकुमारी चौधरी, महेश कश्यप और भोजराज नाग शामिल रहे। वहीं राज्यसभा सांसद राजा देवेंद्र प्रताप सिंह, लक्ष्मी वर्मा और फूलो देवी नेताम भी उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अधिकारी और छत्तीसगढ़ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक भी मौजूद रहे। बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए केंद्र और राज्य के संयुक्त प्रयासों को मजबूत करने पर सहमति बनी।

