0 भवनों, प्रतिष्ठानों, संस्थानों में फायर सेफ्टी की व्यवस्था का होना अनिवार्य
0 गुणवत्तापूर्ण फायर सेफ्टी व्यवस्था व फायर नियमों का पालन करेगा आपके जान-माल की सुरक्षा, रोका जा सकता है बड़ी अग्नि दुर्घटनाओं को
कोरबा 12 जून 2026 – फायर सेफ्टी वह कवच है जो आपके परिवार, व्यवसाय, भवन, दुकान, प्रतिष्ठान व घर-बार को आग से सुरक्षा प्रदान करता है, आग से बचाव व सुरक्षा के लिये भवनों, प्रतिष्ठानों, संस्थानों में फायर सेफ्टी व्यवस्था का होना अनिवार्य है, ताकि आग लगने व आपातकालीन स्थिति में अग्नि से सुरक्षा हो सके तथा कम से कम नुकसान हो। फायर सेफ्टी व्यवस्था के अंतर्गत बचाव व निकासी मार्ग, प्राथमिक अग्नि सुरक्षा उपकरण, विद्युत संबंधी नियमों का पालन, आपातकालीन तैयारियों आदि के साथ-साथ आग लगने की स्थिति में क्या-क्या उपाय उपयोग में लाये जाने चाहिये, इन उपायों से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना आवश्यक है।
आपातकालीन स्थिति के दौरान आग लगने पर आग से बचाव व सुरक्षा के लिये राष्ट्रीय भवन निर्माण संहिता और स्थानीय अग्निशमन विभाग द्वारा निर्धारित कुछ बुनियादी नियमों का पालन करना अनिवार्य हैं, अग्निकांड से बचने एवं आपात स्थिति में होने वाले नुकसान को कम करने के लिये फायर सेफ्टी के प्रावधानों का पूरी गंभीरता से पालन करना आवश्यक होता है, गुणवत्तापूर्ण फायर सेफ्टी व्यवस्था व अग्निशामक नियमों का पालन आपकी जान-माल की सुरक्षा कर सकता है तथा बड़ी अग्नि दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। प्रायः देखा जाता है कि फायर सेफ्टी के प्रति उदासीनता व लापरवाही के परिणाम स्वरूप बडे़ अग्निकांड हो जाते हैं, एक चिंगारी सब कुछ जलाकर राख कर देती है तथा जान-माल के बडे़ नुकसान का खामियाजा भुगतना पड़ता है।
भवनों में बचाव व निकासी मार्ग
रेजिडेंसियल बिल्डिंग्स, भवनों में स्थित सभी आपातकालीन निकास, दरवाजों, सीढ़ियों व गलियारों को हमेशा बाधा मुक्त रखा जाना चाहिये तथा वहॉं पर ऐसा कोई सामान न रखा जाना चाहिये, जो सुगम आवागमन में बाधा उत्पन्न करता हो। इसी प्रकार आपातकालीन द्वार, फायर एग्जिट दरवाजों को अंदर से आसानी से खुलने वाला होना चाहिये, और उन्हें कभी भी बाहर से ताला लगाकर बंद नहीं करना चाहिये। इमरजेंसी इस्तेमाल के लिये पानी, रेत की बाल्टियॉं आसान जगहों पर रखें। भवनों के निर्माण के समय यह ध्यान रखें कि जिस स्थान पर भवन का निर्माण हो रहा है, वहॉ तक फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को पहुंचने के लिये उचित जगह हों।
प्राथमिक अग्नि सुरक्षा उपकरण
भवन के हर मंजिल पर आसानी से दिखनी वाली जगह पर कम से कम ए.बी.सी. श्रेणी के फायर सुरक्षा उपकरण होने चाहिये, वहीं आग का धुंआ भापने वाले स्मोक डिटेक्टर, अलार्म और पानी के र्स्प्रिकलर सिस्टम हर समय चालू हालत में होने चाहिये, सभी उपकरणों की समय-समय पर पेशेवरों के द्वारा जांच (फायर आडिट) कराया जाना आवश्यक है, ताकि उपकरणों की खराबी को समय रहते ठीक किया जा सके।
इलेक्ट्रिक सेफ्टी का ख्याल रखें
विद्युत कनेक्शन में ओव्हरलोडिंग से बचना चाहिये तथा एक ही मल्टीपल प्लग या साकेट में बहुत सारे भारी उपकरण नहीं लगाने चाहिये, विद्युत फिटिंग में केवल आई.एस.आई. प्रमाणित और अच्छी गुणवत्ता वाली वायरिंग व उच्च गुणवत्ता के उपकरण का इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाना चाहिये, साथ ही विद्युत ट्रांसफार्मरों, जनरेटर और एयर कंडीशनिंग ए.सी.यूनिट को हमेशा आग प्रतिरोधी कमरों में अलग से स्थापित किया जाना चाहिये। बिजली उपकरणों का लगातार इस्तेमाल से बचें, एल.पी.जी. सिलेण्डर को सीधा रखें और साबून के घोल से लिकेज चेक करें। परदे, लटकने वाली चीजें, दीये मोमबत्ती, अगरबत्ती वगैर जैसी खुली लौ को पावर साकेट से दूर रखें।
आपातकालीन तैयारियॉं
अग्नि से बचाव व सुरक्षा हेतु आपातकालीन तैयारियों के अंतर्गत समय-समय पर मॉकड्रिल व आपातकालीन नम्बर बडे़ काम की चीज हैं, कार्यालयों, स्कूलों और बड़े इमारतों में हर 06 महीनों में कम से कम एक बार फायर ड्रिल (बचाव अभ्यास) अवश्य आयोजित करना चाहिये, कार्यालय स्टाफ, स्कूलों के छात्र-छात्राओं तथा अन्य संबंधित जनों को फायर सेफ्टी का प्रारंभिक ज्ञान दिया जाना चाहिये, वहीं भवनों के प्रमुख स्थानों पर हमेशा फायर बिग्रेड का फोन नम्बर 101 संबंधित पुलिस थाने का नम्बर व एम्बुलेंस आदि के नम्बर लिखा जाना चाहिये।
आग लगने पर क्या-क्या करें
दुर्भाग्यवश यदि आग लगने की घटना घटित होती है तो इस आपातकालीन स्थिति में सबसे पहले इमारत में लगा हुआ फायर अलार्म बचायें तथा जोर से आवाज कर अन्य लोगों को भी सतर्क करें, बिना समय गंवायें अग्निशमन विभाग को दूरभाष नम्बर 101 पर फोन कर आग लगने की सही जगह और कारण की जानकारी दें, भवन में आग लगने के दौरान लिफ्ट का कभी इस्तेमाल न करें, हमेशा आपातकालीन सीढ़ियों का उपयोग करें, वहीं धुए से बचने के लिये जमीन के सहारे घुटनों के बल रेंगते हुये इमारत से बाहर निकलें।
क्या न करें
बिजली साकेट पर ज्यादा लोड न डालें, बिजली की तारें ढीली न रखें, बिजली खीचने वाले उपकरण जैसे ए.सी.कम्प्रेशर वगैर को एक दूसरे के पास न रखें, खाना बनाते समय खासकर गर्मी में अकेला न छोडे़, घर के अंदर आग पकड़ने वाली चीजें जैसे-कैरोसिन पेट्रोल, पटाखे न रखें, खराब तार, ढीले प्लग या घटिया इलेक्ट्रिकल का इस्तेमाल न करें, रात भर डिवाईस चार्ज में न रखें, घर के अंदर कचरा न जलायें, जलती हुई सिगरेट, कैरोसिन लैम्प, मोमबत्तियॉं लापरवाही न फेंके।
कार्यालय, दुकान, बाजारों, मॉल, संस्थान के लिये क्या किया जाना चाहिये
कामर्शियल जगहों पर आग से सुरक्षा के लिये क्या किया जाना चाहिये और क्या नहीं किया जाना चाहिये, यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जहॉं तक क्या करना चाहिये, यह प्रश्न है तो इसके अंतर्गत लोकल फायर अथारिटी के नियमों के अनुसार फायर सेफ्टी नियमों का शक्ति से पालन करें, फायर प्रोटेक्शन सिस्टम लगायें व उनका उचित रखरखाव करें, समय-समय पर फायर सेफ्टी व इलेक्ट्रिकल आडिट करायें, कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण दें, इमरजेंसी एग्जिट, साफ रोशन और ठीक से मार्क किये हुये हों, जलने वाला कचरा जमा होने से बचाने के लिये सही हाउस कीपिंग का ध्यान रखें, इलेक्ट्रिकल पैनल, सर्वर रूम और डीजी सेट के लिये सही वेंटिलेशन और आग से बचाव का सिस्टम बनायें, इमरजेंसी कॉटेक्ट नम्बर साफ-साफ लिखें, आग बुझाने के लिये पानी का विशेष स्टोरेज बनायें रखें, साल में कम से कम दो बार मॉकड्रिल करें।
क्या नहीं किया जाना चाहियें
इमरजेंसी एग्जिट, सीढ़ियों या आग लगने की जगह को ब्लाक न करें, आग पकड़ने वाली चीजों को तय लिमिट से ज्यादा या बिना इजाजत वाली जगहों पर स्टोर न करें, बिना चालू आग का पता लगाने और बुझाने वाले सिस्टम के काम न करें, इलेक्ट्रिक सर्किट पर ज्यादा लोड न डालें व टेम्परेरी वायरिंग का इस्तेमाल न करें, उपकरणों की ओव्हरहिटिंग, शार्टसर्किट को अनदेखा न करें, फायर सेफ्टी पर असर डालने वाले बिना इजाजत संरचना बदलाव की इजाजत न दें, फायर अलार्म या र्स्प्रिकलर, हाईडेªट सिस्टम जैसे फायर प्रोटेक्शन सिस्टम को बंद न करें, बिजली के पैनल या बचने के रास्तों के पास सामान न रखें।
विशेष ग्रीष्मकालीन सलाह
कूलिंग सिस्टम की वजह से बढ़े हुये इलेक्ट्रिकल लोड के लिये लोड बैलेंसिंग और मानीटरिंग की जरूरत होती है, पक्का करें कि ट्रांसफार्मर, डीजी सेट और एच.व्ही.ए.सी सिस्टम की रेगुलर सर्विस हों। गर्मियों के पीक महीनों में इंस्पेक्शन की फ्रीक्वंेसी बढ़ायें, जलती हुई सिगरेट को लापरवाही से न फेंके, इससे खतरनाक आग लग सकती है, किचन, स्टोरेज रूम, और सर्वर रूम जैसी ज्यादा रिक्स जगहों पर खास ध्यान दें।

