रायपुर, 11 जून 2026 (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ में निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर शराब बिक्री (ओवररेटिंग) के मामलों को गंभीरता से लेते हुए आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। रायपुर के फाफाडीह और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के गंडई स्थित शराब दुकानों में अधिक कीमत पर शराब बेचने की शिकायत सही पाए जाने के बाद दो आबकारी उप निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं संबंधित शराब विक्रेताओं के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा विभिन्न मदिरा दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान दोनों स्थानों पर शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने की पुष्टि हुई। इसके बाद आबकारी आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए निलंबन के आदेश जारी किए।
रायपुर की फाफाडीह स्थित विदेशी मदिरा दुकान में निरीक्षण के दौरान दुकान में कार्यरत विक्रेता अश्वन कुमार मेरिया द्वारा दो पाव ऑल सीजन गोल्डन कलेक्शन रिजर्व व्हिस्की निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बेचने का मामला सामने आया। जांच में पाया गया कि 240 रुपये प्रति पाव की दर से कुल 480 रुपये की शराब के लिए ग्राहक से 500 रुपये वसूले गए, यानी 20 रुपये अतिरिक्त लिए गए। मामले की पुष्टि होने के बाद संबंधित क्षेत्र के आबकारी उप निरीक्षक कौशल किशोर सोनी को कर्तव्य में लापरवाही और उदासीनता बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय उप आयुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता कार्यालय रायपुर निर्धारित किया गया है। वहीं विक्रेता के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इसी तरह खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के गंडई स्थित कम्पोजिट मदिरा दुकान में भी ओवररेटिंग का मामला उजागर हुआ। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने छद्म ग्राहक के माध्यम से शराब बिक्री की जांच की। जांच में सामने आया कि दुकान में कार्यरत विक्रेता वेदप्रकाश निर्मलकर ने तीन पाव देशी मदिरा प्लेन, जिसकी निर्धारित कीमत 240 रुपये थी, उसे 250 रुपये में बेच दिया। ग्राहक से 10 रुपये अधिक वसूले जाने की पुष्टि होने पर विक्रेता के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39 (ग) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
मामले को गंभीर मानते हुए आबकारी आयुक्त ने गंडई वृत्त प्रभारी आबकारी उप निरीक्षक प्रभाकर सिरमौर को भी कर्तव्य में लापरवाही, उदासीनता और कमजोर निगरानी के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
आबकारी विभाग की इस कार्रवाई को प्रदेश में शराब दुकानों में ओवररेटिंग पर नियंत्रण और उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर शराब बेचने वाले विक्रेताओं और निगरानी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

