कोंडागांव,11 जून (वेदांत समाचार )। वन संरक्षण को लेकर कोंडागांव जिले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने लगभग 35 हेक्टेयर (करीब 100 एकड़) वनभूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है। मुलमला रेंज के मालगांव, धुंसी और बुडरा क्षेत्र में वर्षों से किए जा रहे अवैध कब्जे को हटाते हुए वन विभाग ने जमीन को अपने कब्जे में ले लिया।
विभागीय जानकारी के अनुसार ग्राम कुम्हारी पंचायत निवासी बजरंग नेताम और बड़े कनेरा पंचायत निवासी चैतन्य कश्यप पर वनभूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण करने का आरोप है। बताया गया कि वर्ष 2010 से दोनों परिवार लगातार जंगल क्षेत्र में कब्जा बढ़ाते जा रहे थे। इस दौरान बड़ी संख्या में बहुमूल्य वृक्षों की कटाई कर घने जंगल को खेती योग्य भूमि में तब्दील कर दिया गया था तथा वनभूमि पर मकान भी बना लिए गए थे।
वन अधिकारियों के मुताबिक अतिक्रमणकारियों ने केवल पेड़ों की कटाई ही नहीं की, बल्कि खड़े वृक्षों को सुखाने के लिए गार्डलिंग, आगजनी और रसायनों का भी उपयोग किया। इससे जंगल का बड़ा हिस्सा धीरे-धीरे नष्ट होता चला गया और बाद में उस भूमि पर खेती शुरू कर दी गई।
वन विभाग द्वारा कई बार नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कब्जाधारियों ने चेतावनियों को नजरअंदाज किया। इसके बाद बेदखली की कार्रवाई शुरू की गई और डीएफओ के निर्देश पर पुलिस, राजस्व एवं वन विभाग की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर अवैध कब्जा हटाया।
दक्षिण मंडल कोंडागांव के एसडीओ आशीष कोटलीवार ने बताया कि संबंधित लोगों को लगातार नोटिस दिए जा रहे थे, लेकिन वे कब्जा नहीं हटा रहे थे। इसी कारण संयुक्त कार्रवाई करते हुए करीब 100 एकड़ वनभूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि कब्जे से मुक्त कराई गई भूमि पर जल्द ही बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाएगा ताकि नष्ट हुए वन क्षेत्र को पुनः विकसित किया जा सके और हरित आवरण बढ़ाया जा सके।
कार्रवाई के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने भी संतोष व्यक्त किया। उनका कहना है कि जंगल उनकी आजीविका, लघु वनोपज और पर्यावरणीय सुरक्षा का प्रमुख आधार हैं। ग्रामीणों ने वनभूमि पर अवैध कब्जे और पेड़ों की कटाई रोकने के लिए और सख्त कदम उठाने की मांग की है।
वन विभाग ने इस कार्रवाई को जिले के लिए एक सख्त संदेश बताया है। अधिकारियों का कहना है कि वनभूमि पर कब्जा, अवैध कटाई और जंगलों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। जिले में अन्य अतिक्रमणकारियों की पहचान कर बेदखली की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।

