बेमेतरा,11 जून (वेदांत समाचार )। छत्तीसगढ़ की उभरती बाल लोक कलाकार अरुणिमा शर्मा एक बार फिर अपनी अद्भुत प्रतिभा के दम पर सुर्खियों में हैं। महज 10 वर्ष की उम्र में भरथरी गायन, हारमोनियम वादन और लोककला प्रस्तुति के जरिए उन्होंने राजधानी रायपुर के प्रतिष्ठित मुक्ता काशी मंच पर दर्शकों का दिल जीत लिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिली शाबासी के महज दस दिन बाद अरुणिमा ने एक बार फिर बड़े मंच पर अपनी कला का ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।
रायपुर स्थित महंत घांसीदास संग्राहालय में छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘आकार-2026 कला प्रशिक्षण शिविर’ के समापन समारोह में विभिन्न विधाओं के प्रशिक्षु कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। इसी कार्यक्रम में बेमेतरा की नन्ही कलाकार अरुणिमा शर्मा ने भरथरी गायन के जन्म प्रसंग पर आधारित प्रस्तुति देकर उपस्थित कला प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
अरुणिमा ने इस शिविर में लोककला गुरु प्रांजल सिंह राजपूत से भरथरी गायन की विधिवत शिक्षा प्राप्त की। विशेष बात यह रही कि भरथरी गायन की यह उनकी पहली सार्वजनिक मंचीय प्रस्तुति थी, लेकिन उन्होंने अपने आत्मविश्वास और सुरों की मिठास से ऐसा समा बांधा कि दर्शक लंबे समय तक उनकी प्रस्तुति की चर्चा करते रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत अरुणिमा ने हारमोनियम पर वंदे मातरम् के गायन से की। जैसे ही उनकी उंगलियां हारमोनियम पर चलीं और सुरों की गूंज सभागार में फैली, दर्शकों के बीच उनकी तस्वीरें और वीडियो बनाने की होड़ लग गई। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ के राजगीत ‘अरपा पैरी के धार’ की प्रस्तुति दी, जिसने पूरे सभागार को एक सुर में बांध दिया।
भरथरी गायन के दौरान जन्म प्रसंग की कथा और गीतों ने ऐसा माहौल बनाया कि दर्शक भाव-विभोर हो उठे। जब मंच से “हर-हर भोला, गुरु महादेव” की गूंज उठी तो उपस्थित कला प्रेमी दोनों हाथ उठाकर झूमने लगे। अरुणिमा की प्रस्तुति ने यह साबित कर दिया कि उम्र भले छोटी हो, लेकिन प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती।
अरुणिमा शर्मा इससे पहले भी लोकगीत, हिंदी गीत, ग़ज़ल, भजन और शास्त्रीय संगीत की कई सफल प्रस्तुतियां दे चुकी हैं। उन्होंने बस्तर आइडल, राजनांदगांव मड़ई महोत्सव, मोहनम और इंडियन आर्ट फेस्टिवल जैसे प्रतिष्ठित आयोजनों में पुरस्कार और खिताब हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
उल्लेखनीय है कि 30 मई को रायपुर के राम मंदिर परिसर में आयोजित प्रेस क्लब के पत्रकारिता मार्तंड उत्सव के शुभारंभ समारोह में भी अरुणिमा ने हारमोनियम वादन के साथ छत्तीसगढ़ का राजगीत प्रस्तुत कर सभी को चौंका दिया था। उस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन के दौरान विशेष रूप से अरुणिमा का नाम लेकर उनकी सराहना की थी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि इतनी कम उम्र में हारमोनियम के साथ इतनी शानदार गायकी वास्तव में अद्भुत है। उन्होंने अरुणिमा को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं भी दी थीं तथा उनकी तस्वीरें अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की थीं।
आकार-2026 के समापन समारोह में अरुणिमा की प्रस्तुति के बाद दर्शकों में उनके साथ तस्वीरें और सेल्फी लेने की होड़ लग गई। कार्यक्रम स्थल पर हर ओर उनकी प्रतिभा की चर्चा सुनाई देती रही। इतनी कम उम्र में लोककला और संगीत की विभिन्न विधाओं में दक्षता हासिल कर अरुणिमा शर्मा छत्तीसगढ़ की नई सांस्कृतिक पहचान बनकर उभर रही हैं। इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, शशांक शर्मा, मोना सेन, संस्कृति विभाग के संचालक संजय कन्नौजे तथा प्रसिद्ध लोकगायक सुनील सोनी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

