ईरान ने इस्राइल पर दागीं मिसाइलें, तेहरान में एयरस्पेस बंद; ट्रम्प ने ईरानियों को पागल कहा, उड़ाने की धमकी दी - vedantsamachar.in

ईरान ने इस्राइल पर दागीं मिसाइलें, तेहरान में एयरस्पेस बंद; ट्रम्प ने ईरानियों को पागल कहा, उड़ाने की धमकी दी

तेहरान / तेल अवीव। ईरान ने अप्रैल में हुए सीजफायर के बाद पहली बार इजराइल पर मिसाइल हमला किया है। ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, रविवार रात इजराइल की ओर मिसाइलें दागी गईं। हमले के बाद इजराइल के कई इलाकों में सायरन बजे और लोगों को बंकरों में जाना पड़ा।

इजराइली सेना ने दावा किया कि ज्यादातर मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया गया। हालांकि उत्तरी इजराइल में कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं।

इसके कुछ घंटों बाद इजराइल ने ईरान में जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। इजराइली सेना ने कहा कि उसने पश्चिमी और मध्य ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।

ईरानी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, तेहरान, तबरीज और इस्फहान में कई विस्फोट हुए। IRGC ने दावा किया कि इजराइल ने हमलों में एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया।
हमलों के बाद ईरान ने राजधानी तेहरान के इमाम खोमैनी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के आसपास का एयरस्पेस बंद कर दिया। इराक ने 72 घंटे और सीरिया ने 12 घंटे के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद करने का फैसला लिया है।

ट्रम्प ने संयम बरतने की अपील की

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से तत्काल बड़े जवाबी हमले से बचने को कहा था। हालांकि इसके बावजूद इजराइल ने ईरान में सैन्य कार्रवाई की।

ईरान और इजराइल के बीच यह ताजा टकराव ऐसे समय हुआ है जब दोनों देशों के बीच सीजफायर को लेकर पहले से ही तनाव बना हुआ था।

इससे कुछ घंटे पहले इजराइल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हमले किए थे, जिनमें दो लोगों की मौत और 20 लोग घायल हुए थे। यह हमला ऐसे समय हुआ जब लेबनान और इजराइल की सरकारें अमेरिकी मध्यस्थता में सीजफायर पर सहमत हुई थीं, लेकिन हिजबुल्लाह ने समझौते को खारिज कर दिया था।

ट्रम्प ने ईरानियों को पागल कहा, उड़ाने की धमकी दी

ईरान के साथ जारी संघर्ष के 100वें दिन ट्रम्प ने एक बार फिर तेहरान के खिलाफ कड़ा बयान दिया। एनबीसी के कार्यक्रम मीट द प्रेस में ट्रम्प ने रविवार को ईरानियों को पागल लोग बताते हुए कहा कि अगर ईरान को परमाणु हथियार मिल गए तो वह उनका इस्तेमाल कर सकता है।

उन्होंने दावा किया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना दुनिया और अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी है। ट्रम्प ने कहा कि वह ईरान के साथ चल रहे विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाना चाहते हैं और दोनों पक्ष किसी समझौते के करीब हैं।

हालांकि उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर ईरान को बुरी तरह से नुकसान पहुंचाना उनके लिए मुश्किल नहीं होगा।

ट्रम्प ने कहा है कि उन्होंने कभी यह वादा नहीं किया था कि अमेरिका किसी नए युद्ध में शामिल नहीं होगा। ट्रम्प ने साफ कहा कि उन्होंने कोई युद्ध नहीं होगा जैसी कोई गारंटी नहीं दी थी।

ट्रम्प बोले- ईरान से जो डील होगी, नेतन्याहू को माननी पड़ेगी

ट्रम्प ने कहा है कि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पास अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले किसी भी समझौते को स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के ताजा मिसाइल हमले से वार्ता प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी।

फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा, “नेतन्याहू के पास कोई विकल्प नहीं होगा। फैसले मैं लेता हूं। सारे फैसले मैं लेता हूं, नेतन्याहू नहीं।”

ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान ने अप्रैल के सीजफायर के बाद पहली बार इजराइल पर मिसाइल हमला किया है। उन्होंने कहा कि ताजा हमलों के बावजूद अमेरिका की ईरान के साथ बातचीत जारी रहेगी। ट्रम्प ने कहा, “इसका समझौते पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”