कोरबा, 23 जुलाई (वेदांत समाचार)। पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के दीपका क्षेत्र ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कोल इंडिया लिमिटेड के राष्ट्रव्यापी गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड अभियान के तहत एसईसीएल दीपका क्षेत्र में एक ही दिन में 30,000 पौधों का विशाल वृक्षारोपण किया गया। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणादायी पहल ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों, कर्मचारियों, स्कूली विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
कोल इंडिया लिमिटेड को इस विशेष अभियान के तहत देशभर में एक ही दिन में 14 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया था। इसमें एसईसीएल को 3 लाख पौधारोपण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसी क्रम में दीपका क्षेत्र को 30 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य मिला, जिसे 21 जुलाई 2026 को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
दीपका क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर पौधारोपण किया गया। दीपका ओपन कास्ट परियोजना के ओवरबर्डन (ओबी) डंप क्षेत्र में 10,000 पौधे लगाए गए, जबकि कोरबा जिले के उरगा स्थित कटबिटला गांव में 20,000 पौधों का रोपण किया गया। अभियान के दौरान पूरे क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

इस विशाल अभियान का नेतृत्व दीपका क्षेत्र के क्षेत्रीय महाप्रबंधक अशोक कुमार ने किया। उनके साथ विभागाध्यक्षों और दीपका ओपन कास्ट परियोजना के अधिकारियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। अधिकारियों ने कहा कि पौधारोपण केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि लगाया गया प्रत्येक पौधा स्वच्छ वायु, बेहतर पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव बनेगा। साथ ही पौधों के संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी भी सभी की साझा है।
अभियान में एसईसीएल के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने परिवारों के साथ भाग लिया। इसके अलावा केसीसी के अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं तथा आसपास के गांवों के 125 पुरुष और 118 महिला श्रमिक भी इस अभियान का हिस्सा बने। पौधारोपण को सफल बनाने में छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड (CGRVVN) का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा, जिसने पौधों की उपलब्धता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं।
वृक्षारोपण के दौरान क्षेत्र की जलवायु और पारिस्थितिकी के अनुरूप विभिन्न स्थानीय एवं बहुउपयोगी प्रजातियों के पौधे लगाए गए। इनमें पीपल, नीम, आम, जामुन, अमरूद, कटहल, गुलमोहर सहित कई छायादार और सजावटी प्रजातियां शामिल हैं। इन पौधों से भविष्य में क्षेत्र का हरित आवरण बढ़ेगा, जैव विविधता को मजबूती मिलेगी और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
कोल इंडिया लिमिटेड के गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड अभियान के तहत एसईसीएल ने अपने सभी 13 परिचालन क्षेत्रों में एक ही दिन में 3.20 लाख से अधिक पौधों का रोपण किया। इनमें दीपका क्षेत्र का 30 हजार पौधों का योगदान उल्लेखनीय रहा। यह अभियान केवल विश्व रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के हरित पुनर्वास, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एसईसीएल की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
इस पहल के माध्यम से एसईसीएल ने यह संदेश दिया है कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी समान रूप से आवश्यक है। सामूहिक जनभागीदारी के साथ चलाया गया यह अभियान भविष्य में हरित और स्वच्छ भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

