पैक्ड सूजी मिसब्रांडिंग मामले में मोहनम बिग बाजार को झटका, ट्रिब्यूनल ने 3 लाख रुपये की पेनाल्टी को ठहराया सही - vedantsamachar.in

पैक्ड सूजी मिसब्रांडिंग मामले में मोहनम बिग बाजार को झटका, ट्रिब्यूनल ने 3 लाख रुपये की पेनाल्टी को ठहराया सही

कोरबा/कटघोरा, 07 जून (वेदांत समाचार)। पैक्ड सूजी के मिसब्रांडिंग मामले में मोहनम बिग बाजार, जमनीपाली के संचालकों को एक बार फिर कानूनी झटका लगा है। कटघोरा न्यायालय द्वारा लगाए गए 3 लाख रुपये के आर्थिक दंड को चुनौती देने वाली अपील को जिला ट्रिब्यूनल कोर्ट ने खारिज कर दिया है। ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि निचली अदालत द्वारा लगाया गया जुर्माना विधिसम्मत और उचित है।

मामला मोहनम बिग बाजार, जमनीपाली के प्रोपराइटर मोहन जैन और सुरेंद्र जैन समेत कुल चार आरोपियों से जुड़ा हुआ है। पैक्ड सूजी के मिसब्रांड पाए जाने के बाद संबंधित प्रकरण में कटघोरा न्यायालय ने सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 3 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाई थी।

न्यायालय के इस फैसले से असंतुष्ट आरोपियों ने उच्च न्यायालय बिलासपुर तथा जिला ट्रिब्यूनल कोर्ट में अपील दायर कर दंड को चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान जिला ट्रिब्यूनल कोर्ट में मामले की विस्तृत समीक्षा की गई। ट्रिब्यूनल की पीठासीन अधिकारी जज ममता भोजवानी ने उपलब्ध तथ्यों और रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद कटघोरा न्यायालय के निर्णय को सही ठहराया।

अपने आदेश में ट्रिब्यूनल ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि कानून के तहत न्यायालय को प्रत्येक आरोपी पर 3 लाख रुपये तक की पेनाल्टी लगाने का अधिकार प्राप्त है। अदालत ने यह भी माना कि मामले की प्रकृति और परिस्थितियों को देखते हुए लगाया गया जुर्माना अधिक नहीं बल्कि अपेक्षाकृत कम है। इसलिए कटघोरा न्यायालय द्वारा लगाया गया 3 लाख रुपये का आर्थिक दंड पूरी तरह उचित और न्यायसंगत है।

ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में आरोपियों की सभी दलीलों को अस्वीकार करते हुए उनकी अपील खारिज कर दी। इसके साथ ही कटघोरा न्यायालय का पूर्व आदेश यथावत बरकरार रखा गया है।

इस निर्णय को खाद्य सुरक्षा एवं उपभोक्ता हितों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सही लेबलिंग सुनिश्चित करने के लिए ऐसे मामलों में न्यायालयों द्वारा दिए जा रहे कड़े संदेश से उपभोक्ताओं का विश्वास मजबूत होगा तथा खाद्य कारोबारियों को नियमानुसार कार्य करने के लिए प्रेरणा मिलेगी।