कोलकाता/नई दिल्ली। कोल इंडिया मुख्यालय में आयोजित एपेक्स जॉइंट कंसल्टेटिव कमेटी (Apex JCC) की बैठक में ऑल इंडिया कोल वर्कर्स फेडरेशन (AICWF-सीटू) ने कोयला श्रमिकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को जोरदार ढंग से उठाया। फेडरेशन के महामंत्री कामरेड डी.डी. रामानंद ने बताया कि संगठन ने कोल इंडिया में चारों Labour Codes (श्रम संहिताओं) को जल्दबाजी में लागू करने के प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
बैठक के दौरान फेडरेशन ने Joint Bipartite Committee for Coal Industry (JBCCI) के तत्काल गठन की मांग भी प्रमुखता से उठाई। संगठन का कहना है कि कोयला उद्योग के लाखों कर्मचारियों के वेतन समझौते, सेवा शर्तों और अन्य श्रम संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए JBCCI का गठन आवश्यक है।
कामरेड रामानंद ने बताया कि श्रम संहिताओं के क्रियान्वयन और JBCCI गठन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रबंधन से स्पष्ट जवाब और ठोस निर्णय की अपेक्षा की गई थी। हालांकि, प्रबंधन की ओर से कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया और दोनों मुद्दों पर निर्णय को अगली बैठक तक टाल दिया गया।
उन्होंने कहा कि श्रम संहिताओं को बिना व्यापक चर्चा और श्रमिक संगठनों की सहमति के लागू करना कर्मचारियों के हितों के विपरीत हो सकता है। इसलिए सभी ट्रेड यूनियनों की राय लेकर ही आगे की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
AICWF ने स्पष्ट किया कि वह कोयला श्रमिकों और खनिकों के हितों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रही है और भविष्य में भी Coal India Labour Codes, JBCCI गठन, वेतन समझौता और श्रमिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को पूरी मजबूती के साथ उठाती रहेगी।

