WhatsApp खुद रोकेगा स्कैम, संदिग्ध मैसेज आते ही यूजर्स को करेगा अलर्ट - vedantsamachar.in

WhatsApp खुद रोकेगा स्कैम, संदिग्ध मैसेज आते ही यूजर्स को करेगा अलर्ट

WhatsApp Scam Alert: ऑनलाइन फ्रॉड और स्कैम को रोकने के लिए व्हाट्सएप एक नए फीचर पर काम कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, जल्द ही ऐप में “स्कैम अलर्ट” नाम का फीचर जोड़ा जा सकता है, जो संदिग्ध मैसेज की पहचान कर यूजर्स को पहले ही चेतावनी देगा. यह फीचर खास तौर पर अनजान नंबरों से आने वाले संभावित फर्जी मैसेज को पकड़ने के लिए तैयार किया जा रहा है. कंपनी का दावा है कि यह पूरा सिस्टम यूजर के डिवाइस पर ही काम करेगा, जिससे एंड टू एंड एन्क्रिप्शन भी सुरक्षित रहेगा. फिलहाल यह फीचर डेवलपमेंट स्टेज में है.

अनजान नंबरों से आने वाले स्कैम मैसेज पर नजर
व्हाट्सएप के एंड्रॉयड बीटा अपडेट में स्कैम अलर्ट फीचर की जानकारी सामने आई है. WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार यह फीचर अनजान कॉन्टैक्ट से आने वाले संभावित फर्जी या धोखाधड़ी वाले मैसेज की पहचान करेगा. यदि किसी मैसेज में स्कैम जैसी गतिविधि नजर आती है तो यूजर को सीधे चैट के अंदर चेतावनी दिखाई जाएगी. इसके साथ यह भी बताया जाएगा कि संदेश भेजने वाला व्यक्ति यूजर की कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद नहीं है. इसके बाद यूजर के पास उस नंबर को ब्लॉक और रिपोर्ट करने का विकल्प होगा. यदि यूजर को मैसेज सुरक्षित लगता है तो वह बातचीत जारी भी रख सकता है.

डिवाइस में ही होगी जांच, प्राइवेसी रहेगी सुरक्षित
व्हाट्सएप के अनुसार, स्कैम अलर्ट फीचर पूरी तरह यूजर के डिवाइस पर काम करेगा. इसका मतलब है कि किसी भी मैसेज को जांच के लिए व्हाट्सएप या मेटा के सर्वर पर नहीं भेजा जाएगा. संदिग्ध मैसेज की पहचान का पूरा प्रोसेस फोन में ही होगा. यही वजह है कि एंड टू एंड एन्क्रिप्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा और यूजर्स की निजी बातचीत सुरक्षित रहेगी. रिपोर्ट में बताया गया है कि यह सिस्टम उसी तरह काम करेगा जैसे हाल ही में लॉन्च किया गया वॉयस ट्रांसक्रिप्ट फीचर काम करता है. वॉयस ट्रांसक्रिप्ट भी ऑडियो मैसेज को डिवाइस पर ही टेक्स्ट में बदलता है.

यूजर को मिलेगा पूरा कंट्रोल
रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाट्सएप एक ट्रांसपेरेंसी टूल पर भी काम कर रहा है. इसकी मदद से यूजर यह देख सकेंगे कि स्कैम अलर्ट फीचर कब और किन मैसेज पर सक्रिय हुआ था. खास बात यह है कि ये लॉग्स पूरी तरह निजी रहेंगे और व्हाट्सएप के साथ साझा नहीं किए जाएंगे. कंपनी इस फीचर को डिफॉल्ट रूप से बंद रखने की योजना बना रही है. जो यूजर अतिरिक्त सुरक्षा चाहते हैं, वे इसे सेटिंग्स में जाकर चालू कर सकेंगे. फिलहाल यह फीचर डेवलपमेंट स्टेज में है और उम्मीद की जा रही है कि सबसे पहले इसे बीटा टेस्टर्स के लिए जारी किया जाएगा, जिसके बाद भविष्य के अपडेट में सभी यूजर्स तक पहुंचाया जा सकता है.