बिलासपुर, 25 मई । छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने एक संपत्ति विवाद मामले में सिम्पलेक्स कास्टिंग्स लिमिटेड की मैनेजिंग डायरेक्टर और महिला उद्यमी संगीता केतन शाह तथा उनके पति केतन एम शाह को बड़ी राहत देते हुए अग्रिम जमानत दे दी है।
तथ्य छिपाकर दर्ज कराई गई FIR: शिकायतकर्ता सुनील कुमार सोमन ने न्यायालय और पुलिस से यह महत्वपूर्ण तथ्य साजिशन छिपाया कि उसे 10 लाख रुपये की बयाना (एडवांस) राशि वापस मिल चुकी थी। यह भी छिपाया कि इसी अनुबंध के संबंध में दुर्ग कोर्ट में पहले से ही एक सिविल (दीवानी) मुकदमा दायर है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
इकरारनामा गवाह और नोटरी के बिनाः जिस इकरारनामे (अनुबंध) के आधार पर यह मामला दर्ज कराया गया था, उस पर न तो किसी गवाह (Witness) के हस्ताक्षर थे और न ही उसे नोटरीकृत (Notarised) कराया गया था।
क्या था मामलाः यह विवाद 13 मार्च 2023 को कोहका स्थित एक संपत्ति के 50 लाख रुपये में हुए सौदे और 10 लाख रुपये के एडवांस से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए न्यायालय में परिवाद दायर किया था, जिसके बाद सुपेला थाने में आईपीसी की धारा 406, 420, 468, और 471 के तहत FIR दर्ज की गई थी।
बचाव पक्ष की दलील और संपत्ति की कीमत पर सवालः बचाव पक्ष ने बताया कि यह इकरारनामा केवल अवैध कब्जे से संपत्ति को मुक्त कराने के लिए एक ‘सांकेतिक’ अनुबंध था, जिसका न ही कोई गवाह था न ही नोटरी कराया गया था। यह भी सवाल उठाया गया कि जिस संपत्ति को 2015 में 1.5 करोड़ में खरीदा गया था और जिस पर 2024 में बैंक ने 12 करोड़ का मूल्य मानकर 4.5 करोड़ का लोन दिया है, उसका सौदा मात्र 50 लाख रुपये में कैसे हो सकता है।

