कोरबा,21 अप्रैल (वेदांत समाचार)। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (South East Central Railway – SECR) के बिलासपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (Divisional Railway Manager – DRM) राकेश रंजन ने कहा है कि कोरबा देश के विभिन्न ताप विद्युत संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति करने वाला एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है। ऐसे में यहां से कोयला परिवहन (Coal Dispatch) बढ़ाना प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि यात्री ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाती है, तो कोयला परिवहन प्रभावित होगा, जो राष्ट्रीय हित में उचित नहीं होगा।
मंडल रेल प्रबंधक राकेश रंजन कोरबा रेलवे स्टेशन के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान वीआईपी कक्ष में हुई चर्चा में उन्होंने नई ट्रेनों के संचालन और पुरानी ट्रेनों के विस्तार से संबंधित मांगों पर सहमति नहीं जताई। उन्होंने कहा कि उनके अधिकार सीमित कर दिए गए हैं तथा अधिकांश निर्णय महाप्रबंधक (General Manager – GM) स्तर पर लिए जाते हैं।
उन्होंने रायगढ़ एवं कटनी मार्ग पर नई ट्रेन शुरू करने, भोपाल एक्सप्रेस तथा तिरुपति एक्सप्रेस को कोरबा तक विस्तारित करने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया। हसदेव एक्सप्रेस को दुर्ग तक विस्तार देने के प्रस्ताव को भी तकनीकी कारणों से संभव नहीं बताया गया।
कोरबा-दुर्ग के बीच नई ट्रेन चलाने के संबंध में उन्होंने कहा कि बिलासपुर रेलवे खंड में पहले से ही ट्रेनों का अत्यधिक दबाव है, जिसे कम करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में फिलहाल नई ट्रेन शुरू करना संभव नहीं है।
मंडल रेल प्रबंधक ने यह भी कहा कि सभी रेलवे स्टेशनों पर आधारभूत संरचना (Infrastructure) विकास के कार्य जारी हैं और यात्रियों को बेहतर सुविधाओं के लिए इन कार्यों के पूर्ण होने तक प्रतीक्षा करनी होगी।
रेल संघर्ष समिति ने उठाई मांगें
इस दौरान मंडल रेल प्रबंधक ने रेल संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल को चर्चा के लिए आमंत्रित किया। समिति के संयोजक रामकिशन अग्रवाल, सदस्य मनोज अग्रवाल, अंकित अग्रवाल तथा रफीक पारेख ने यात्री सुविधाओं में सुधार और नई ट्रेनों के संचालन की मांग रखी।
रेल संघर्ष समिति के अध्यक्ष रामकिशन अग्रवाल ने कहा, “कोरबा जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक जिले से यात्री ट्रेनों की कमी आम जनता के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। कोयला परिवहन महत्वपूर्ण है, लेकिन यात्रियों की सुविधा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हम लगातार रेलवे प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि कम से कम कुछ प्रमुख ट्रेनों का विस्तार और नई यात्री ट्रेनों की शुरुआत की जाए।” हालांकि, बैठक के दौरान मंडल रेल प्रबंधक की ओर से किसी भी मांग पर तत्काल सकारात्मक आश्वासन नहीं दिया गया।
