बिजली कटौती से बिफरा दूल्हा, बारात लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा; स्मार्ट मीटर के खिलाफ प्रदर्शन – vedantsamachar.in

बिजली कटौती से बिफरा दूल्हा, बारात लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा; स्मार्ट मीटर के खिलाफ प्रदर्शन

बांदा में शादी के दिन बिजली गुल होने से हंगामा, दूल्हे ने कहा—“बिना बिजली के कैसे लाऊं दुल्हन”

बांदा (यूपी)। भीषण गर्मी के बीच स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था से परेशान उपभोक्ताओं का आक्रोश अब सड़कों पर दिखने लगा है। ताजा मामला जिले के मटौंध क्षेत्र के उजरेहटा गांव का है, जहां एक दूल्हा अपनी ही बारात लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गया और बिजली विभाग के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया।

जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम कुलदीप की बारात महोबा जिले के खन्ना के लिए रवाना होनी थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, रिश्तेदार मौजूद थे और बारात निकलने ही वाली थी कि अचानक प्रीपेड स्मार्ट मीटर का बैलेंस खत्म होने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। उमस भरी गर्मी में घर के लोग बेहाल हो गए।

इससे नाराज दूल्हा कुलदीप बैंड-बाजे और बारातियों के साथ सीधे कलेक्ट्रेट पहुंच गया। वहां उसने मनमाने बिल और बार-बार बिजली कटौती का आरोप लगाते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। दूल्हे ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली का बिल लगभग दोगुना आ रहा है, जिसे भरना मुश्किल हो गया है। ऐसे में शादी के मौके पर बिजली कटना बेहद परेशान करने वाला है।

कुलदीप ने कहा, “घर में बिजली ही नहीं है, ऐसे में मैं दुल्हन को कैसे लाऊं? रिश्तेदार गर्मी में परेशान हैं और कोई सुनवाई नहीं हो रही।”

इस दौरान बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एएस नोमानी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर के जरिए आम जनता से ‘डकैती’ की जा रही है। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि एक दूल्हे को अपनी बारात लेकर सड़कों पर उतरना पड़ा, जो व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।

वहीं, बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता रविकांत वर्मा ने बताया कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, उन्हें दूल्हे के कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन करने की जानकारी नहीं थी।

इस घटना के बाद जिले में स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी और भी बढ़ गई है। गर्मी के इस मौसम में बार-बार बिजली कटौती से उपभोक्ता खासे परेशान हैं और व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।