भीषण गर्मी में सावधानी जरूरी: लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी जारी – vedantsamachar.in

भीषण गर्मी में सावधानी जरूरी: लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी जारी

अंबिकापुर,21 अप्रैल (वेदांत समाचार)। गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी तेजी से होने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आमजन के लिए एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के साथ-साथ ओआरएस, नींबू पानी, छाछ, लस्सी एवं अन्य तरल पदार्थों का नियमित सेवन करने की सलाह दी है। साथ ही हल्के रंग के ढीले एवं सूती वस्त्र पहनने को भी लाभदायक बताया गया है।

नोडल अधिकारी, जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य ने बताया कि लू (हीट स्ट्रोक) एक गंभीर चिकित्सकीय आपात स्थिति है, जो शरीर के अत्यधिक गर्म होने और तापमान नियंत्रण प्रणाली के प्रभावित होने से होती है। इसके प्रमुख लक्षणों में 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तेज बुखार, लाल व गर्म त्वचा, पसीना कम आना, सिरदर्द, चक्कर, घबराहट, कमजोरी, उल्टी और अचेतावस्था शामिल हैं।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इन दिनों “हीट हेडेक” यानी गर्मी से होने वाले सिरदर्द के मामले भी बढ़ सकते हैं। यह समस्या डिहाइड्रेशन, अधिक धूप में रहने, इलेक्ट्रोलाइट की कमी, पर्याप्त नींद न लेने और अधिक कैफीन सेवन के कारण होती है। विभाग ने लोगों को खाली पेट न रहने, समय पर भोजन करने, पर्याप्त नींद लेने और कैफीनयुक्त पेयों का सीमित सेवन करने की सलाह दी है।

बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता बताई गई है। साथ ही मजदूरों, किसानों, यात्रियों, ट्रैफिक कर्मियों एवं फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

यदि किसी व्यक्ति में लू के लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत छायादार स्थान पर ले जाकर ठंडा करने का प्रयास करें। ठंडे पानी की पट्टियां रखें और यदि व्यक्ति होश में हो तो उसे पानी या ओआरएस दें। गंभीर स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना आवश्यक है।

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जिले के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में लू से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक दवाएं एवं सुविधाएं उपलब्ध हैं। अंत में विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार तथा आसपास के कमजोर वर्गों का विशेष ध्यान रखें। जागरूकता और सावधानी ही भीषण गर्मी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।