कोरबा 19 अप्रैल (वेदांत समाचार)। जिले के नगर पालिका कटघोरा, नगर पंचायत छुरी और पाली में जल आवर्धन योजनाओं पर करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद लोगों को गर्मी के दिनों में पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग की लापरवाही और अधूरे कार्यों के चलते करीब 43 करोड़ रुपए खर्च होने के बाद भी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पा रहा है।
कटघोरा नगर पालिका में वर्ष 2013 में जल आवर्धन योजना को स्वीकृति मिली थी, जिसकी प्रारंभिक लागत 7.76 करोड़ रुपए थी। समय पर कार्य पूर्ण नहीं होने के कारण लागत बढ़कर 20.69 करोड़ रुपए हो गई। यहां आमाखोखरा डायवर्सन से पाइपलाइन के जरिए पुरानी व्यवस्था से पानी की आपूर्ति की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इंटेकवेल का निर्माण पूर्ण किए बिना ही ट्रीटमेंट प्लांट के लिए पंप लगाकर पानी लिया जा रहा है। अब भी कई स्थानों पर पाइपलाइन का कार्य अधूरा है।
छुरी नगर पंचायत की जल आवर्धन योजना 14 करोड़ रुपए की है, लेकिन यहां भी स्थिति संतोषजनक नहीं है। दर्री के पास स्थापित ट्रीटमेंट प्लांट से पानी आपूर्ति की जा रही है, परंतु सभी वार्डों तक पाइपलाइन नहीं पहुंच पाई है। वर्तमान में 9 करोड़ रुपए की लागत से पाइपलाइन विस्तार का कार्य जारी है। 15 में से केवल 9 वार्डों में ही पुरानी पाइपलाइन के माध्यम से जल आपूर्ति हो रही है।
पाली नगर पंचायत में वर्ष 2012-13 में स्वीकृत 9.90 करोड़ रुपए की योजना भी अधूरी पड़ी है। मुनगाडीह में इंटेकवेल का निर्माण तो किया गया, लेकिन एनीकट सूख जाने के कारण वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बंद पड़ा है। बीते दो वर्षों से इस समस्या का समाधान नहीं हो सका है, जिससे नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कटघोरा के कसनिया, पूछापारा, शिकारी मोहल्ला और चिर्रा वार्डों में अब तक पाइपलाइन नहीं बिछाई गई थी, जिसके कारण लोग बोरवेल के पानी पर निर्भर हैं। फिलहाल 9.50 करोड़ रुपए की लागत से अधूरे कार्यों को पूरा करने का काम जारी है। वहीं जुराली में पानी टंकी को बोर से जोड़ा गया है।
पाली में भू-जल स्तर गिरने से स्थिति और गंभीर हो गई है। मादन रोड, टावर मोहल्ला और शांति नगर सहित कई क्षेत्रों में गर्मी के दिनों में पानी के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। भूजल स्तर नीचे जाने से मोटर पंप भी ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं।
पीएचई विभाग के एसडीओ डीआर बंजारे के अनुसार, छुरी में पाइपलाइन विस्तार का कार्य जारी है, जिसे पूरा होने में करीब 6 महीने लगेंगे। कटघोरा में लगभग 10 प्रतिशत कार्य शेष है, जिसमें इंटेकवेल को जोड़ने का काम भी शामिल है। वहीं पाली की समस्या के समाधान के लिए एनीकट की मरम्मत की जाएगी।
कुल मिलाकर करोड़ों की लागत से बनी जल आवर्धन योजनाएं अब तक अधूरी हैं, जिससे आम जनता को अपेक्षित राहत नहीं मिल पा रही है और गर्मी के मौसम में जल संकट लगातार गहराता जा रहा है।
