कोरबा,13 जून (वेदांत समाचार) । उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर शिकंजा कसते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने कोरबा शहर में व्यापक जांच अभियान चलाया। शुक्रवार को विभागीय टीम ने शहर के विभिन्न चिन्हित क्षेत्रों में अचानक निरीक्षण कर कई प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए। जांच के दौरान बर्गर, पैकेट बंद खाद्य सामग्री, मिठाइयों समेत विभिन्न खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता की जांच के लिए सैंपल लिए गए, जिन्हें परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजा गया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के प्रमुख बाजारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, चौराहों और कॉलोनियों में स्थित दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था, पैकेजिंग, एक्सपायरी डेट तथा लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों ने दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान खुले में रखी मिठाइयों, बर्गर निर्माण में उपयोग की जाने वाली सामग्री तथा पैकेट बंद खाद्य उत्पादों के नमूने एकत्र किए गए। इन नमूनों को जांच के लिए राजनांदगांव स्थित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के तहत इस माह की शुरुआत से ही विभिन्न प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जा रहे हैं। पाम मॉल स्थित डोमिनोज पिज्जा से चिकन बर्गर तथा केएफसी से चिकन पॉपकॉर्न राइस बॉल का नमूना लिया गया। साथ ही दोनों प्रतिष्ठानों को वेज और नॉनवेज खाद्य सामग्री के काउंटर अलग-अलग संचालित करने के निर्देश भी दिए गए।

इसके अलावा दादर क्षेत्र स्थित कौशल बेवरेज से अमरकंटक ब्रांड की पैकेज्ड वाटर बोतल, कमला सुपर मार्ट से टोस्ट और बिस्कुट, जेलगांव स्थित समलेश्वरी स्टोर से सरसों तेल एवं घी तथा टीपी नगर स्थित जियो मार्ट से रॉक सॉल्ट और रस्क के नमूने जांच के लिए रायपुर स्थित खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
जांच के दौरान जिन दुकानदारों के पास आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं पाए गए या खाद्य सुरक्षा मानकों में कमी मिली, उन्हें नोटिस जारी कर सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने सभी खाद्य कारोबारियों को साफ-सफाई बनाए रखने, वैध लाइसेंस रखने तथा खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की हिदायत दी है।
फूड सेफ्टी ऑफिसर विकास भगत ने बताया कि विभाग का यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जांच केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आने वाले दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों की दुकानों, हाट-बाजारों और मेलों में भी सघन सैंपलिंग की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे केवल लाइसेंसधारी दुकानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें और बिना पैकिंग या संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पादों के सेवन से बचें।
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई को उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा और बाजार में गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग का कहना है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी किसी भी शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

