मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एकलव्य के नीट सफल विद्यार्थियों से किया संवाद, बोले- लक्ष्य साधिए, सफलता जरूर मिलेगी - vedantsamachar.in

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एकलव्य के नीट सफल विद्यार्थियों से किया संवाद, बोले- लक्ष्य साधिए, सफलता जरूर मिलेगी

रायपुर, 28 जुलाई (वेदांत समाचार)। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित एकलव्य संवाद कार्यक्रम में प्रदेश के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों से नीट-2026 में सफल विद्यार्थियों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की सफलता पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और विशेषकर जनजातीय समाज के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एकलव्य विद्यालयों के विद्यार्थियों ने यह साबित कर दिया है कि अवसर, संसाधन और मजबूत संकल्प मिलने पर प्रतिभा किसी भी परिस्थिति की मोहताज नहीं होती। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खूब पढ़िए, आगे बढ़िए और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में भागीदार बनिए।

मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास से मिलती है सफलता

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय का नाम एकलव्य है और भारतीय इतिहास में एकलव्य का स्थान विशेष है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर अभ्यास और समर्पण के बल पर सफलता हासिल की। इसी तरह विद्यार्थियों को भी अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर मेहनत करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सफलता का सबसे बड़ा मंत्र निरंतर अभ्यास, अनुशासन और आत्मविश्वास है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने गुरुजनों का सम्मान करने और उनसे मिले ज्ञान का उपयोग समाज के हित में करने का आह्वान किया।

डॉक्टर बनकर संवेदनशीलता और सेवा भाव के साथ करें काम

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नीट में सफल विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डॉक्टर का स्थान समाज में अत्यंत सम्माननीय होता है। डॉक्टर केवल उपचार नहीं करते, बल्कि लोगों को नया जीवन देने का कार्य करते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल अच्छे चिकित्सक ही नहीं, बल्कि संवेदनशील, विनम्र और सेवाभावी डॉक्टर बनें। मरीजों के प्रति मधुर व्यवहार और अपनापन भी चिकित्सा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में बढ़े अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पहले जहां विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर जाना पड़ता था, वहीं अब गांव-गांव तक शिक्षा की सुविधाएं पहुंच रही हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य निर्माण के समय छत्तीसगढ़ में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि वर्तमान में निजी और शासकीय संस्थानों को मिलाकर 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। इसके अलावा पांच नए शासकीय मेडिकल कॉलेज शुरू किए जा रहे हैं, जिससे मेडिकल शिक्षा के अवसर और बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आईआईटी, ट्रिपल आईटी, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय और केंद्रीय विश्वविद्यालय जैसे उच्च शिक्षण संस्थान विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध करा रहे हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बढ़ाई गई सुविधाएं

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता 50 से बढ़ाकर 200 सीट कर दी गई है। यहां विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास, भोजन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष ट्राइबल यूथ हॉस्टल से 13 विद्यार्थियों ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा में सफलता हासिल की है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में 34 नालंदा परिसर स्थापित किए गए हैं, जहां विद्यार्थी चौबीसों घंटे अध्ययन सामग्री और सुविधाओं के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से आम लोगों को मिल रही राहत

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की जानकारी देते हुए कहा कि यह सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएं, सुझाव और शिकायतें सीधे शासन तक पहुंचा सकते हैं।

उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था के लिए करीब आठ हजार अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। छात्रावास या अध्ययन से जुड़ी समस्याओं की जानकारी भी विद्यार्थी हेल्पलाइन के माध्यम से दे सकते हैं।

हिंदी माध्यम में भी उपलब्ध होगी मेडिकल शिक्षा

महासमुंद जिले की छात्रा के प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश में मेडिकल शिक्षा हिंदी माध्यम में भी उपलब्ध कराई जा रही है। जिन विद्यार्थियों को अंग्रेजी भाषा में कठिनाई होती है, उनके लिए हिंदी में पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई गई है, ताकि भाषा प्रतिभा के रास्ते में बाधा न बने।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा और विकास को मिली नई गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर सहित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि बंद पड़े विद्यालयों को दोबारा शुरू किया जा रहा है और नए स्कूल भी खोले जा रहे हैं। जावंगा एजुकेशन हब की तर्ज पर नारायणपुर जिले के जगरगुंडा और ओरछा में आधुनिक एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिल सके।

युवाओं से छत्तीसगढ़ में रहकर सेवा करने की अपील

मुख्यमंत्री ने मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों से कहा कि सरकार उनके निर्माण में संसाधन उपलब्ध करा रही है, इसलिए उनका भी दायित्व है कि वे शिक्षा पूरी करने के बाद प्रदेश और समाज की सेवा करें।

उन्होंने कहा कि दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में काम करने वाले डॉक्टरों को अतिरिक्त सुविधाएं और प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से छत्तीसगढ़ में रहकर लोगों की सेवा करने की अपील की।

जनसेवा को पूजा मानकर करता हूं कार्य: मुख्यमंत्री

अपने सार्वजनिक जीवन से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वे पिछले करीब 35 वर्षों से जनसेवा में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि जनसेवा को पूजा मानकर पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करना ही उन्हें ऊर्जा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को योग, व्यायाम, संतुलित आहार और अनुशासित जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी प्रतिभा, ज्ञान और संस्कार के बल पर समाज की सेवा करने तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।